Law student suicide: बिलासपुर में एक लॉ स्टूडेंट ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शुरुआती जांच में शादी और पढ़ाई के दबाव की बात सामने आई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
Law student suicide: शहर के कोनी क्षेत्र स्थित रिव्हर व्यू कॉलोनी में रहकर पढ़ाई कर रही 20 वर्षीय लॉ की छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान रायगढ़ निवासी सृष्टि गुप्ता के रूप में हुई है, जो यहां किराए के मकान में रहकर पढ़ाई कर रही थी। मिली जानकारी के अनुसार 14 अप्रैल की सुबह छात्रा के परिजनों ने उसे फोन किया था। इस दौरान पढ़ाई को लेकर उसे डांट लगाई गई थी, जिससे वह काफी व्यथित बताई जा रही थी।
बताया जा रहा है कि बाद में परिजनों ने कई बार उसे फोन किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुआ। इस पर उन्होंने मकान मालिक को जानकारी दी। मकान मालिक जब कमरे में पहुंचा तो छात्रा का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। घटना की सूचना तुरंत परिजनों और पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई की। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं इस घटना ने एक बार फिर युवाओं पर बढ़ते मानसिक दबाव और पारिवारिक अपेक्षाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मृतका दृष्टि गुप्ता (20) रायगढ़ की रहने वाली थी। वह पिछले दो साल से बिलासपुर के कोनी क्षेत्र स्थित रिवर व्यू कॉलोनी में किराए के मकान में रहकर पढ़ाई कर रही थी। सोमवार (13 अप्रैल) को कॉलेज से लौटने के बाद उसकी परिजनों से बात हुई थी, जिसके बाद वह अपने दोस्तों के साथ बाहर चली गई और पूरी रात उनके साथ रही।
मंगलवार (14 अप्रैल) की सुबह जब दृष्टि घर लौटी, तो उसकी अपने पिता से फोन पर बातचीत हुई। बताया जा रहा है कि इस दौरान पिता ने पढ़ाई को लेकर उसे फटकार लगाई। इसके बाद दृष्टि अपने कमरे में गई और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। काफी देर तक जब वह बाहर नहीं आई, तो आसपास रहने वाली छात्राओं ने उसे आवाज दी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
घटना की जानकारी मकान मालिक और पुलिस को दी गई। कोनी थाना की टीम मौके पर पहुंची और दरवाजा खोलकर अंदर देखा। कमरे के भीतर दृष्टि पंखे से फांसी के फंदे पर लटकी मिली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
पंचनामा कार्रवाई के दौरान मौजूद सहपाठियों ने पुलिस को बताया कि दृष्टि पर परिवार की ओर से शादी को लेकर दबाव बनाया जा रहा था, जबकि वह इसके लिए तैयार नहीं थी। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
मामले में थाना प्रभारी ने बताया कि परिजनों को सूचना दे दी गई है और उनसे पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी में यह भी सामने आया है कि छात्रा को पढ़ाई को लेकर डांट मिली थी, जिसके बाद उसने यह कदम उठाया। यह घटना केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी नहीं, बल्कि समाज के उस दबाव को भी उजागर करती है, जिसमें युवा पढ़ाई, करियर और पारिवारिक अपेक्षाओं के बीच जूझते नजर आते हैं। ऐसे मामलों में समय पर संवाद, समझ और मानसिक सहयोग बेहद जरूरी है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।