Chhattisgarh News : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के गौरेला स्थित अस्पताल में मानवता (shame on humanity) को शर्मसार होना पड़ा
बिलासपुर.chhattisgarh news : जिले के गौरेला इलाके के एमसीएच अस्पताल में मानवता को तब शर्मसार (shame on humanity) होना पड़ा जब एक अज्ञात व्यक्ति ने अस्पताल परिसर में बने वेटिंग हॉल में इलाज के लिए इंतजार करते हुए दम तोड़ दिया। इस दौरान उसके शरीर पर मक्खियां भिनभिनाती रही, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने इस व्यक्ति की किसी ने सुध लेना जरुरी नहीं समझा। उसका इन्तजार इतना लम्बा हो गया की आखिरकार उसकी मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार मामला गौरेला विकासखंड के मातृ एवं शिशु अस्पताल का है। जहां 7 अगस्त को सारबहरा रेलवे स्टेशन पर बीमार पड़े व्यक्ति को 108 एंबुलेंस से इलाज के लिए MCH अस्पताल लाया गया था, लेकिन बेसुध और बीमार व्यक्ति अपने परिजनों का पता और नाम बताने में पूरी तरह सक्षम नहीं था, जिससे उसका किसी ने सुध नहीं लिया।
मृतक का एक हाथ टूटा हुआ था, जिसमें काफी सूजन आ गई थी। लेकिन पीड़ित टूटे हाथ से भी वह मक्खियों को भगाने की कोशिश करता रहा। अस्पताल परिसर में पड़े होने के बावजूद अस्पताल प्रशासन के दर्जनों कर्मचारी वहां से गुजरते रहे, लेकिन किसी ने भी इसे भर्ती कराने या इलाज की जहमत नहीं उठाई।
अस्पताल की संवेदनहीनता पर उठे सवाल
मामले में सामाजिक कार्यकर्ता आलोक तिवारी ने कहा कि खबर मिलने के बाद अस्पताल पहुंचे, लेकिन जब तक इलाज कराते तब तक वो अज्ञात व्यक्ति समय पर इलाज नहीं मिलने से दम तोड़ चुका था। पुलिस ने नगर पंचायत के सफाईकर्मियों की मदद से अंतिम संस्कार कराया, लेकिन इस तरह की लापरवाही (shame on humanity) ने अस्पताल प्रबंधन पर सवालिया निशान लगा दिया है।