
बिलासपुर. कांग्रेस भवन में घुसकर कांग्रेसियों के उपर लाठियां बरसाने से प्रदेश की राजनीति में उठे तूफान और पुलिस की साख पर उठे सवाल का खौफ आज दिखाई दिया। कांग्रेसियों की भारी भीड़ आज कांग्रेस भवन से जेल की ओर बढ़ी। युकां नेताओं द्वारा बेरिकेट्स में चढ़कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की गई। कई बार उकसाने की कोशिश भी की गई लेकिन पुलिस पूरे समय तक शंात रही। इस दौरान 109 महिला समेत 1648 कांग्रेसियों ने गिरफ्तारी दी। अश्लील सीडी मामले में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने सीबीआई कोर्ट से जमानत लेने से यह कारण बताते हुए इन्कार कर दिया था कि वे बेकसूर हैं।
इसके बाद प्रदेशभर में गिरफ्तारी का सिलसिला चला। बिलासपुर में कांग्रेसियों को मुख्यमंत्री के प्रवास पर काले झंडे दिखाने का आंदोलन भी करना था, इसलिए उन्होंने बघेल के जेल जाने के खिलाफ आंदोलन के लिए गुरुवार का दिन तय किया। दोपहर पौने एक बजे कार्यकर्ता कांग्रेस भवन से निकले और ईदगाह चौक होते हुए जेल रोड की तरफ बढ़े। जेल चौक पर कांग्रेसियों ने भारी विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने बेरिकेड्स पर चढ़कर नारेबाजी की। पुलिस को धक्का देते हुए उनका घेरा तोडऩे की कोशिश की। ग्रामीण एएसपी अर्चना झा ने बताया कि जेल भरो आंदोलन के तहत छत्तीसगढ़ स्कूल को अस्थायी जेल बनाकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया।
ये थे आंदोलन में शामिल : मस्तुरी विधायक दिलीप लहरिया, नेता प्रतिपक्ष शेख नजीरुद्ीन, प्रदेश प्रवक्ता शैलेष पांडे, अभयनाराण राया, एसपी चतुर्वेदी, विजय पांडे, रविन्द्र सिंह, शैलेन्द्र जायसवाल, रामशरण यादव, जयंत मनहर, पंचराम सूर्यवंशी, त्रिलोक श्रीवास, अजय सिंह, तैय्यब हुसैन, भुनेश्वर यादव, विनय शुक्ला, विष्णु यादव, राजू यादव, राम बघेल, जुगल गोयल, पार्षद राजेश शुक्ला सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
दिखाते रहेंगे काले झंडे : इस साजिश के आरोपियों के खिलाफ जब तक एफआईआर नहीं हो जाती तब तक हम मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री के कार्यक्रमों में काला झंडा दिखाना बंद नहीं करेंगे।घटना की न्यायिक जांच की मांग की गई है। क्योंकि मजेस्ट्रियल जांच में घटना स्थल कांग्रेस भवन को नहीं बताया गया है।
विजय केशरवानी, जिलाध्यक्ष कांगे्रस