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बाघों का दीदार और नक्सलगढ़ में सफारी, छत्तीसगढ़ के जंगलों में खुले पर्यटन के नए द्वार, जानिए क्या है खास?

Chhattisgarh Jungle Safari: छत्तीसगढ़ के जंगलों में पर्यटन का नया दौर शुरू हो गया है। चार महीने के विराम के बाद अचानकमार टाइगर रिजर्व पर्यटकों के लिए खुल गया है। वहीं, कभी नक्सलियों का गढ़ रहे इंद्रावती टाइगर रिजर्व में भी जंगल सफारी की शुरुआत हुई है।
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बिलासपुर

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Khyati Parihar

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Updated: 2 Nov 2026, 1:21 PM IST

Chhattisgarh News

जंगलों में खुले पर्यटन के नए द्वार (फोटो सोर्स- AI)

Wildlife Tourism: मानसून के चार महीने के विराम के बाद एटीआर एक बार फिर पर्यटकों के लिए खुल गया है। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर शनिवार को पर्यटन सत्र 2026-27 की शुरुआत के साथ केंवची बफर सफारी प्रवेश द्वार और नए सफारी मार्ग का शुभारंभ किया गया। पहले ही दिन पर्यटकों में खासा उत्साह रहा। कुल 138 सैलानियों ने जंगल सफारी का आनंद लिया। 11 जिप्सियों की बुकिंग हुई, वहीं बैगा रिसॉर्ट के तीन कमरे भी बुक रहे। अब पर्यटक यहां बाघों के दीदार के साथ मैकल पर्वतमाला की समृद्ध जैव विविधता को करीब से देख सकेंगे। केंवची में आयोजित समारोह में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने सफारी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने वर्चुअल माध्यम से नए प्रवेश द्वार और सफारी मार्ग का लोकार्पण किया। तखतपुर विधायक धरमजीत सिंह भी मौजूद रहे। इससे पहले शिवतराई में मुख्य वन संरक्षक (बिलासपुर वृत्त) मनोज पांडेय ने सफारी वाहनों को रवाना कर पर्यटन सत्र की औपचारिक शुरुआत की। केंवची गेट शुरू होने से मध्यप्रदेश के अमरकंटक की ओर से आने वाले पर्यटकों को एटीआर में प्रवेश का सीधा रास्ता मिलेगा। इससे उनकी यात्रा की दूरी और समय दोनों कम होंगे।

वन विभाग को उम्मीद है कि नई व्यवस्था से अंतरराज्यीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने पर आसपास के वनवासी क्षेत्रों में गाइड, वाहन संचालन और अन्य पर्यटन गतिविधियों से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ, प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण पाण्डेय, ओ.पी. यादव, प्रियंका पाण्डेय, जीपीएम कलेक्टर विजय दयाराम, एसपी मनोज खिलारी और एटीआर उप संचालक तन्मय कौशिक सहित जनप्रतिनिधि व वन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

बाघों के साथ 400 से अधिक पक्षी प्रजातियां

मैकल पर्वतमाला की वादियों में फैला अचानकमार टाइगर रिजर्व समृद्ध जैव विविधता के लिए जाना जाता है। यहां 18 से अधिक बाघों के अलावा तेंदुआ, गौर, भालू और हिरणों की मौजूदगी पर्यटकों को आकर्षित करती है। 400 से अधिक पक्षी प्रजातियां भी इस जंगल की खास पहचान हैं। सफारी के साथ बैगा रिसॉर्ट में ठहरने की सुविधा पर्यटकों को जंगल के बीच समय बिताने का अवसर देती है।

सफारी और ठहरने का शुल्क

जिप्सी (6 सीटर) का शुल्क 3,500 रुपए, महारानी (8 सीटर) का 5,000 रुपए और योद्धा (9 सीटर) का 5,500 रुपए प्रति राउंड है। बैगा रिसॉर्ट में एक कमरे का शुल्क 3,500 रुपए है।

नक्सलियों के गढ़ से पर्यटन के नए दरवाजे तक

कभी नक्सलियों का कोर इलाका रहे इंद्रावती टाइगर रिजर्व (आईटीआर) में अब जंगल सफारी की शुरुआत बदलते बस्तर की नई तस्वीर पेश कर रही है। लंबे समय तक सुरक्षा चुनौतियों के कारण आम लोगों की पहुंच से दूर रहे इस वन क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों का शुरू होना अहम बदलाव है। वन मंत्री केदार कश्यप ने ऑनलाइन माध्यम से सफारी अभियान का उद्घाटन किया। नक्सल प्रभाव से बाहर निकलते इलाकों में पर्यटन का विस्तार स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर पैदा कर सकता है। वन्यजीव संरक्षण के साथ सुरक्षित पर्यटन व्यवस्था विकसित करना अब बड़ी जिम्मेदारी होगी।