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विश्वकर्मा पूजा पर फिर खुलेंगे बैलाडीला के रास्ते, बादलों के बीच दिखेगा खदानों का रोमांच, जानें कब होगी पर्यटकों की एंट्री

Chhattisgarh Tourism: विश्वकर्मा पूजा के मौके पर बैलाडीला की खूबसूरत पहाड़ियों और एनएमडीसी के खनन क्षेत्र को करीब से देखने का इंतजार कर रहे पर्यटकों के लिए अच्छी खबर है।
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दंतेवाड़ा

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Khyati Parihar

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Updated: 13 Sep 2026, 8:12 PM IST

Chhattisgarh News

बैलाडीला की खूबसूरत पहाड़ियों (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Bailadila Tourism: विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर बैलाडीला की खूबसूरत पहाड़ियों और एनएमडीसी के खनन क्षेत्र का दीदार करने वाले सैलानियों के लिए अच्छी खबर है। एनएमडीसी किरंदुल प्रबंधन ने 17 सितंबर को पर्यटकों के आवागमन की अनुमति देने का निर्णय लिया है। इससे वर्षों पुरानी परंपरा एक बार फिर कायम होने की उम्मीद है और सैलानियों में खासा उत्साह है।

इस बार बैलाडीला की यात्रा पर्यटकों के लिए और भी खास होगी। पहाड़ियों के बीच स्थित कैलास नगर के भव्य भोलेनाथ मंदिर में दर्शन, सरफिरी घाटी की प्राकृतिक खूबसूरती, पहाड़ों को छूते बादल और चारों ओर फैली हरियाली सैलानियों को आकर्षित करेगी। बादलों के बीच बैलाडीला का नजारा ऐसा दिखाई देता है, मानो सैलानी स्वर्गलोक में बादलों के ऊपर पहुंच गए हों।

वहीं, लौह अयस्क खदानों में दौड़ती विशालकाय माइनिंग मशीनें भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहेंगी। सैलानी इन आधुनिक मशीनों को करीब से देखने के साथ उनके साथ सेल्फी लेने का आनंद भी उठा सकेंगे। विश्वकर्मा पूजा के चलते खनन क्षेत्र में मशीनों और भारी उपकरणों की पूजा-अर्चना भी की जाएगी।

बस्तर का प्राकृतिक सौंदर्य बनेगा आकर्षण

विश्वकर्मा पूजा पर छत्तीसगढ़ के अलावा पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में सैलानियों के किरंदुल-बैलाडीला पहुंचने की उम्मीद है। पहाड़, हरियाली, बादलों से ढकी घाटियां, कैलास नगर का भोलेनाथ मंदिर और विशाल खनन मशीनें- यह अनोखा संगम पर्यटकों के लिए यादगार अनुभव बन सकता है।

सुरक्षा व्यवस्था के लिए एसडीओपी को पत्र

पर्यटकों की संभावित भीड़ को देखते हुए एनएमडीसी किरंदुल के उप महाप्रबंधक (कार्मिक) ने एसडीओपी किरंदुल को पत्र लिखकर विश्वकर्मा पूजा के दिन सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक व्यवस्था करने का अनुरोध किया है। ऐसे में अब प्रशासन के सामने यातायात, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था को व्यवस्थित रखने की चुनौती रहेगी।