
Anti-Liquor Protest: बारिश में भी नहीं डिगा संगमपल्ली का संकल्प (photo source- Patrika)
Anti-Liquor Protest: भोपालपटनम विकासखंड के ग्राम संगमपल्ली मद्देड में प्रस्तावित सरकारी अंग्रेजी शराब दुकान के विरोध में गुरुवार को ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन किया। तेज बारिश के बीच भी महिलाएं, किसान, युवा और बुजुर्ग करीब पांच घंटे तक दुकान के बाहर डटे रहे और उद्घाटन नहीं होने दिया। हालात को देखते हुए प्रशासन ने मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं खेती-किसानी का काम छोडक़र आंदोलन में शामिल हुईं।
ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि गांव में शराब दुकान खुलने से नशाखोरी बढ़ेगी, सामाजिक माहौल बिगड़ेगा और महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा पर असर पड़ेगा। तहसीलदार और आबकारी विभाग के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अडिग रहे कि गांव में किसी भी कीमत पर शराब दुकान नहीं खुलने देंगे। इसके बाद प्रशासन ने दुकान के स्थल परिवर्तन के लिए प्रस्ताव भेजने की प्रक्रिया शुरू करने का भरोसा दिया। हालांकि ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक शराब दुकान हटाने का लिखित आदेश जारी नहीं होगा, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
ग्रामीणों के आंदोलन को समर्थन देने बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों के साथ धरने में बैठकर सरकार पर तीखा हमला बोला। विधायक ने कहा कि भाजपा की विष्णुदेव साय सरकार स्कूलों को बंद कर आदिवासी युवाओं को नशे की लत लगाने का काम कर रही है। जहां शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की जरूरत है, वहां सरकार शराब की दुकानें खोल रही है। यह आदिवासी युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।उन्होंने प्रशासन से तत्काल शराब दुकान का प्रस्ताव निरस्त कर ग्रामीणों की भावना का सम्मान करने की मांग की और कहा कि यदि मांग नहीं मानी गई तो आंदोलन और व्यापक होगा।
प्रदर्शन की सबसे बड़ी विशेषता महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रही। भारी बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में महिलाएं धरने में डटी रहीं। उनका कहना था कि शराब दुकान खुलने से घरेलू ङ्क्षहसा, पारिवारिक विवाद और नशाखोरी बढ़ेगी, जिसका सबसे ज्यादा असर महिलाओं और बच्चों पर पड़ेगा।प्रदर्शन में जिला कांग्रेस कमेटी बीजापुर के अध्यक्ष लालू राठौर, पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुरेंद्र चापा, सरिता चापा, सुनील उद्दे, मनोज यालम, तलांडी इस्तारी, पुरुषोत्तम सल्लूर, सुरेश सोढ़ी, गुड्डू कोरसा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और युवा मौजूद रहे।
ग्राम पंचायत शुरू से ही गांव में शराब दुकान खोलने का विरोध करती रही है। कई बार प्रशासन को आपत्ति दर्ज कराई गई, लेकिन इसके बावजूद गांव पर दबाव बनाकर दुकान खोलने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण किसी भी कीमत पर इसे स्वीकार नहीं करेंगे और दुकान को गांव से हटाने तक संघर्ष जारी रहेगा- वल्वा मंजू, सरपंच ग्राम
पिछले छह महीने से तहसीलदार, एसडीएम, कलेक्टर और अन्य अधिकारियों को लगातार आवेदन देकर गांव में शराब दुकान नहीं खोलने की मांग की जा रही थी। इसके बावजूद प्रशासन ने ग्रामीणों की आपत्तियों को नजरअंदाज कर दुकान शुरू करने की तैयारी कर ली। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दुकान खोली गई तो पूरा गांव सडक़ पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगा— सुनील उद्दे, पूर्व सरपंच
गांव में शराब दुकान खुलने से युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में जाएगी। खेतों और सार्वजनिक स्थानों पर शराब की बोतलें बिखरेंगी तथा महिलाओं की सुरक्षा भी प्रभावित होगी। उन्होंने कहा कि गांव के विकास के लिए स्कूल और रोजगार चाहिए, शराब की दुकान नहीं— हर्षिता यालम, गांव की छात्रा
जिला आबकारी अधिकारी चन्दास यदु आबकारी ने कहा कि ग्रामीणों ने शराब दुकान का विरोध दर्ज कराया है। उनकी मांग और विरोध से संबंधित प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा तथा शराब दुकान के स्थल परिवर्तन के संबंध में भी शासन स्तर पर निर्णय लिया जाएगा।
Updated on:
07 Aug 2026 12:28 pm
Published on:
07 Aug 2026 12:28 pm
