
गिरफ्तार (फोटो सोर्स- istock)
CISF Recruitment Fraud: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया है। सिटी कोतवाली पुलिस ने इस मामले में उत्तर प्रदेश के रायबरेली निवासी एक आरोपी को राजस्थान के देवली से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दंतेवाड़ा जिले का निवास प्रमाण पत्र और आय प्रमाण पत्र हासिल किया था। आरोप है कि इन्हीं दस्तावेजों का इस्तेमाल उसने CISF भर्ती के दौरान किया और इसके बाद वह नौकरी हासिल करने में सफल रहा।
मामले की जांच के दौरान जब संबंधित दस्तावेजों को लेकर संदेह सामने आया, तो पुलिस ने प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराया। राजस्व अधिकारियों और तहसील कार्यालय से दस्तावेजों की जांच कराई गई। सत्यापन के दौरान प्रमाण पत्र हासिल करने के लिए प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों को लेकर महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए, जिनसे उनके संदिग्ध और फर्जी होने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी सत्यम दीक्षित मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रायबरेली का निवासी है। उस पर आरोप है कि उसने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दंतेवाड़ा जिले का निवास प्रमाण पत्र और आय प्रमाण पत्र हासिल किया। बाद में इन्हीं प्रमाण पत्रों का इस्तेमाल CISF भर्ती में किया गया। आरोपी द्वारा इन दस्तावेजों का इस्तेमाल कर CISF में भर्ती होने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई। जांच के दौरान संबंधित दस्तावेजों की वास्तविकता की पुष्टि करने के लिए राजस्व अधिकारियों और तहसील कार्यालय से प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराया गया।
मामले की विवेचना के दौरान पुलिस को आरोपी द्वारा इस्तेमाल किए गए दस्तावेजों पर संदेह हुआ। इसके बाद पुलिस ने संबंधित विभागों से दस्तावेजों और प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान प्रमाण पत्रों के लिए प्रस्तुत किए गए दस्तावेज संदिग्ध और फर्जी पाए जाने संबंधी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए।
दस्तावेजों के सत्यापन के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी राजस्थान के देवली में CISF की नौकरी कर रहा है।
आरोपी के राजस्थान के देवली में होने की जानकारी मिलने के बाद दंतेवाड़ा पुलिस की टीम वहां पहुंची। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सत्यम दीक्षित को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी CISF में भर्ती होने के बाद वर्तमान में राजस्थान के देवली में नौकरी कर रहा था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। न्यायालय से उसे जेल भेज दिया गया है।
पुलिस की कार्रवाई अभी आरोपी की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। मामले में फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और उनके आधार पर दंतेवाड़ा जिले का निवास एवं आय प्रमाण पत्र हासिल करने में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने फर्जी दस्तावेज तैयार कराने के लिए किन लोगों की मदद ली थी और प्रमाण पत्र हासिल करने की प्रक्रिया में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं। जांच के दौरान यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
यह पूरी कार्रवाई सिटी कोतवाली पुलिस ने पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन सिंह (भा.पु.से.) के निर्देश पर की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जितेंद्र खूंटे (रा.पु.से.) और एसडीओपी दंतेवाड़ा आकांक्षा ठाकुर (रा.पु.से.) के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने मामले की जांच आगे बढ़ाई और आरोपी की राजस्थान में मौजूदगी की जानकारी मिलने के बाद उसे गिरफ्तार किया। मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है और फर्जी दस्तावेजों से जुड़े अन्य पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है।
दंतेवाड़ा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि सरकारी नौकरी या किसी भी शासकीय लाभ को हासिल करने के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल न करें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के मामलों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब इस मामले में सामने आए दस्तावेजों और उनसे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Updated on:
21 Sept 2026 02:55 pm
Published on:
21 Sept 2026 02:55 pm
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