
दशकों पुरानी परंपरा पर लगा विराम (Photo Source- Patrika)
NMDC Bailadila: बैलाडीला की लौह अयस्क खदानों में विश्वकर्मा पूजा के दिन आम लोगों के प्रवेश को लेकर इस बार तस्वीर बदल गई है। एनएमडीसी की बैलाडिला खदानों में सामान्य खनन गतिविधियां जारी रहेंगी, जबकि सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर खदान क्षेत्र में आम लोगों के प्रवेश पर रोक रहेगी। इसके चलते विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर वर्षों से चली आ रही वह परंपरा प्रभावित होगी, जिसमें हजारों की संख्या में स्थानीय आदिवासी, श्रद्धालु और पर्यटक बैलाडिला की पहाड़ियों के प्राकृतिक नजारे और लौह अयस्क खदानों को देखने पहुंचते थे।
इस फैसले को लेकर स्थानीय लोगों, आदिवासी समुदाय, पर्यटकों और कंपनी के कुछ कर्मचारियों में निराशा की बात सामने आ रही है। लोगों का कहना है कि विश्वकर्मा पूजा का दिन केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि बैलाडिला की खदानों और स्थानीय लोगों के बीच जुड़ाव का अवसर भी रहा है। स्थानीय आदिवासी श्रमिक अपने परिवारों को कार्यस्थल दिखाने के लिए इस दिन खदान क्षेत्र ले जाते थे। वहीं स्थानीय व्यापारियों, खोमचे और ठेले वालों को भी इस दौरान अतिरिक्त कारोबार मिलता था।
प्रवेश प्रतिबंध के पीछे आधिकारिक तौर पर अप्रत्याशित भीड़, हादसों और लैंडस्लाइडिंग के खतरे को कारण बताया जाता रहा है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि विश्वकर्मा पूजा के दौरान अब तक कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ है। उनका सवाल है कि जब एक दिन के लिए व्यवस्थित और सुरक्षित प्रवेश की व्यवस्था की जा सकती है तो ऐसा विकल्प क्यों नहीं बनाया जा रहा।
स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि देश के कई पहाड़ी और पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आवागमन की व्यवस्था की जाती है। ऐसे में जिला प्रशासन और एनएमडीसी के समन्वय से विश्वकर्मा पूजा के दिन सीमित और सुरक्षित प्रवेश की व्यवस्था किए जाने की मांग उठ रही है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक पिछले कुछ वर्षों में खदान क्षेत्र में प्रवेश को लेकर प्रतिबंध लगातार बढ़ते गए। पहले दोपहिया वाहनों के प्रवेश पर रोक लगी, इसके बाद चारपहिया वाहनों पर प्रतिबंध लगाया गया। फिर प्रवेश के लिए समय सीमा तय की गई और बाद में परियोजना की बसों के माध्यम से सीमित संख्या में लोगों को भेजने की व्यवस्था की गई। अंतत: यह व्यवस्था भी बंद हो गई। लोगों का कहना है कि पहले विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर एनएमडीसी के विभिन्न विभागों के कर्मचारी चलित मॉडल तैयार करते थे और बड़ी संख्या में खिचड़ी व बूंदी का प्रसाद भी वितरित किया जाता था। प्रवेश व्यवस्था पूरी तरह बंद होने से इस परंपरा से जुड़े कर्मचारियों में भी निराशा है।
एनएमडीसी के आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि बैलाडिला खदानों में इस वर्ष सामान्य खनन गतिविधियां जारी रहेंगी। सुरक्षा संबंधी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। प्रवक्ता के अनुसार इस वर्ष विश्वकर्मा पूजा का आयोजन भव्य तरीके से करने की योजना है और इसके लिए बचेली हॉकी ग्राउंड में कार्यक्रम आयोजित किया जाना प्रस्तावित है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि एनएमडीसी अब आमजन की भावनाओं और वर्षों पुरानी परंपराओं से दूर होता जा रहा है तथा खनन और उत्पादन को प्राथमिकता दी जा रही है। विश्वकर्मा पूजा के अलावा शिवरात्रि, हनुमान टेकरी की स्थापना और भंडारे जैसे अवसरों पर भी आम लोगों के प्रवेश को लेकर प्रतिबंध की शिकायतें सामने आती रही हैं। लोगों का कहना है कि श्रद्धा, पर्यटन और परंपरा के बीच संतुलन बनाते हुए एक दिन के लिए सुरक्षित व्यवस्था तैयार की जा सकती है। इससे वर्षों पुरानी परंपरा कायम रहने के साथ स्थानीय व्यापार और लोगों की भावनाओं का भी सम्मान होगा।
Updated on:
10 Sept 2026 01:14 pm
Published on:
10 Sept 2026 01:14 pm
