19 अप्रैल 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

एक महिला, 80 गांव और बदलाव की बयार! ममता कुजूर बनीं आदिवासी उत्थान की मिसाल

Tribal Literacy Movement: Mamta Kujur ने Jashpur district के आदिवासी समुदायों में शिक्षा, महिला सशक्तीकरण और सामाजिक जागरूकता के जरिए बड़ा बदलाव लाया है।

2 min read
Google source verification
ममता कुजूर ने आदिवासी समाज पर लुटाई ‘ममता’ (photo source- Patrika)

ममता कुजूर ने आदिवासी समाज पर लुटाई ‘ममता’ (photo source- Patrika)

जशपुर के छोटे से गांव घोलेंग से निकली ममता कुजूर आज उस बदलाव की मिसाल बन चुकी हैं, जिसकी कल्पना अक्सर सिर्फ योजनाओं और कागजों तक सीमित रह जाती है। Jashpur district के इस सुदूर इलाके में उन्होंने अपने जीवन का उद्देश्य आदिवासी समाज के उत्थान को बना लिया। उनका काम सिर्फ सेवा नहीं, बल्कि एक ऐसी सामाजिक क्रांति है, जिसने पहाड़ी कोरवा और बिरहोर जैसे अत्यंत पिछड़े समुदायों तक साक्षरता की रोशनी पहुंचाई है।

image

पूरी खबर पढ़ने के लिए लॉगिन करें।