बिलासपुर

नए साल के पहले दिन देवालयों में मत्था टेकने पहुंचे लोग, आराध्य देव से मांगा आशीर्वाद

new year 2020: नए साल की शुरुआत, मंगल आरती से ही गूंज उठा जयघोष, बजती रही घंटियां, रतनपुर मां महामाया मंदिर में पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालु

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new year 2020:

बिलासपुर. साल की शुरुआत बुधवार को सूर्योदय के बाद आराध्य देव के दर्शन करने देवालयों में मत्था टेकने पहुंचे। अपने आराध्य देव के समक्ष शीश नवाकर आशीर्वाद मांगा। साल भर अच्छा और सुखमय हो किसी भी तरह के कष्ट होने पर सहने की शक्ति देने की कामना की गई। सुबह से ही मंदिरों में घंटी बजती रही और जय घोष करते हुए भक्त पूजा-अर्चना करते रहे। अपने आराध्य देव के दर्शन के साथ ही पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना हर किसी ने की। कोई अकेले तो कोई पूरे परिवार के साथ मंदिर में पूजन करने पहुंचा। साल का पहला दिन देव दर्शन से शुरू करना शुभता का प्रतीक माना गया है इस वजह से शहर के सभी देवालयों में सुबह से ही लोग पहुंचते रहे। तिलक नगर स्थित श्री राम मंदिर में सुबह मंगल आरती के बाद से शाम में आरती होते तक लोग पहुंचते रहे। जय श्री राम..., जय गणेश देवा...जैसे स्वर से मंदिर गूंजता रहा। मंदिर समिति के सचिव प्रमोद काले ने बताया कि नए वर्ष के प्रथम दिवस पर लोग पूजन करने पहुंचे। सभी ने भगवान की पूजा की साथ ही आशीर्वाद भी लिया। मां महामाया मंदिर में पहुंचे सैकड़ों भक्त

नए साल की सुबह रतनपुर मां महामाया मंदिर में भक्तों की लंबी कतार दर्शन के लिए लगी रही। साल के पहले दिन मां महामाया से आशीर्वाद लेने लोग पहुंचे। सुबह से रात में मंदिर बंद होने से पहले तक श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए। मंदिर समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष के सतीश शर्मा ने बताया कि मंदिर में नित्य पूजा की गई। मंगल आरती के बाद से मंदिर में दर्शन के लिए लोग पहुंचने लगे। नए साल की पूजा-अर्चना करते हुए परिवार की खुशहाली व उज्ज्वल भविष्य की कामना करते रहे। कई परिवारों ने आरती की तो बहुत से सुहागिन महिलाओं ने माता को शृंगार की सामग्री अर्पित की। इसी तरह से शाम में आरती के माध्यम से सभी के लिए सुख-समृद्धि की कामना की।

खाटू श्याम मंदिर में हुई पूजा

घोंघा बाबा मंदिर परिसर खाटू श्याम मंदिर में नए वर्ष के अवसर पर पूजन किया गया। मंदिर में सुबह मंगल आरती के बाद खाटू श्याम का राजसी शृंगार पुजारी के द्वारा किया गया। विशेष रूप से फूलों से शृंगारित कर भगवान की पूजा-अर्चना की गई। भगवान के अलौकिक रूप को देखने के लिए भी श्रद्धालु मंदिर में पहुंचे। सुबह से देर रात तक मंदिर में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। शाम में भजन-कीर्तन का कार्यक्रम किया गया। उसके बाद महाप्रसाद के माध्यम से लोगों को प्रसाद का वितरण किया गया।

Published on:
01 Jan 2020 09:16 pm
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