Plants Astrology: ज्योतिषाचार्य के अनुसार वृक्ष 9 ग्रह और 12 राशियों का प्रतिनिधि होता है। ऐसे में सावन के महीने में पौधरोपण करने के शुभ फलदायी के साथ बिगड़े महादशा-अंतर्दशा को सुधार सकते हैं...
Plants Astrology: एक पेड़ अपने आप में संपूर्ण विज्ञान है। पेड़ न केवल पर्यावरण और भाग्य के संरक्षक होते हैं वरन सृष्टि के चक्र को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं। लेकिन कम लोग जानते हैं कि पेड़ 9 ग्रह और 12 राशियों का अपने आप में प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्कंद पुराण में हर व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम सात तरह के पौधे पीपल, नीम, बरगद, इमली, कैथा, बेल, आंवला और आम जरूर लगाने चाहिए। गुरु के लिए केले, शनि के लिए पीपल की पूजा की जाती है। ( Plants Astrology ) वट वृक्ष में ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास होता है। सूर्य ग्रह का अर्क, चंद्रमा को पलाश, मंगल का खैर, बुध का अपमार्ग, गुरु का पीपल, शुक्रका सफेद चंदन या गूलर, शनि का शमी, राहु का दुर्वा व केतु का कुश वृक्ष माना गया है।
राशि अनुसार पौधरोपण करना फलदायी रहता है और ऐसा करने से ग्रहों की स्थिति में सुधार आता है और व्यक्ति के जीवन में शांति और समृद्धि का वास होता है। वैसे तो सभी तरह के पौधे जीवन में लाभदायक होते हैं, लेकिन राशि अनुसार पौधे अपने घर के आसपास लगाएं तो उसका लाभ जीवन भर मिलता है।
ज्योतिषाचार्य पंडिता जागेश्वर अवस्थी के अनुसार राशि के अनुसार राशि व ग्रह के अनुसार पेड़ लगाने से उनके प्रभाव भी सकारात्मक पड़ते हैं। यदि वर्तमान में किसी ग्रह की महादशा-अंतर्दशा खराब है या जन्म कुंडली में ग्रह खराब बैठा है तो उसके अनुसार पेड़, पौधों को लगाएं।
मेष: आंवला, कुचला, गूलर
तुला: बेल, अर्जुन, नागकेसर
वृषभ: जामुन, यखैर, गूलर
वृश्चिक: सेमल, साल, नागकेसर
मिथुन: खैर, शीशम, बांस
धनु: साल, कटहल, रोतांग, पाम
कर्क: बांस, पीपल, नागकेसर
मकर: कटहल, नदीर, शमी
सिंह: पिलखन, पलाश, बरगद
कुंभ: कदंब, आम, शमी
कन्या: बेल, पिलखन, जूही
मीन: नीम, आम, महुआ
सूर्य ग्रह शांति के लिए मदार
चंद्र ग्रह के लिए पलाश, खिरनी
मंगल ग्रह के लिए खैर, ढांक, नीम
बुध ग्रह के लिए अपामार्ग
गुरु ग्रह के लिए पीपल
शुक्रग्रह के लिए कपास
शनि ग्रह के लिए शमी, कीकर, खजूर
राहु ग्रह के लिए चंदन, दूर्वा, नारियल
केतु ग्रह के लिए तिल, इमली, कुशा के पौधे लगाने से जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
नोट - पत्रिका इस खबर की पुष्टि नहीं करता है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार जो बातें कही गई है उसे हमने प्रकाशित किया गया है।