Government Scheme Fraud: छत्तीसगढ़ के तखतपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राशि लेकर मकान निर्माण नहीं करने वाले 455 हितग्राहियों को प्रशासन ने अंतिम नोटिस जारी किया है। नगर पालिका ने 24 घंटे के भीतर निर्माण शुरू करने या राशि लौटाने का अल्टीमेटम दिया है।
PM Awas Yojana: छत्तीसगढ़ के तखतपुर जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राशि लेने के बाद वर्षों से मकान निर्माण नहीं करने वाले हितग्राहियों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। नगर पालिका ने ऐसे 455 लाभार्थियों को अंतिम नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर निर्माण कार्य शुरू करने या सरकारी राशि वापस जमा करने का अल्टीमेटम दिया है। वर्ष 2020-22 में जारी की गई पहली किस्त के बाद भी कई लोगों ने निर्माण कार्य नहीं किया, जिससे करोड़ों रुपये फंसे हुए हैं। समय सीमा में कार्रवाई नहीं होने पर एफआईआर और रिकवरी की चेतावनी दी गई है।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2020-22 के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सैकड़ों लाभार्थियों को मकान निर्माण के लिए पहली किस्त के रूप में लगभग 55 से 56 हजार रुपये की राशि जारी की गई थी। लेकिन चार से पांच साल बीत जाने के बाद भी बड़ी संख्या में हितग्राहियों ने न तो निर्माण कार्य शुरू किया और न ही राशि वापस की।
नगर पालिका प्रशासन के अनुसार कुल 455 हितग्राहियों के पास करीब ढाई करोड़ रुपये से अधिक की सरकारी राशि अटकी हुई है। इस कारण योजना के क्रियान्वयन पर भी असर पड़ रहा है। अब प्रशासन ने सभी मामलों में सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया है।
नोटिस जारी होने के बाद कुछ मामलों में कार्रवाई शुरू हो गई है। एक हितग्राही ने पूरी राशि वापस जमा कर दी है, जबकि दो अन्य ने किस्तों में पैसा लौटाने की अनुमति मांगी है। प्रशासन ऐसे मामलों की भी समीक्षा कर रहा है।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी Amresh Singh ने स्पष्ट किया है कि जिन हितग्राहियों ने राशि लेने के बाद भी आवास निर्माण शुरू नहीं किया है, उनके खिलाफ अब कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। 24 घंटे के भीतर निर्माण कार्य शुरू नहीं करने या राशि वापस नहीं करने पर एसडीएम कोर्ट में रिकवरी प्रकरण दर्ज किया जाएगा और संबंधित लोगों पर एफआईआर की कार्रवाई भी की जाएगी।
नगर पालिका ने साफ कर दिया है कि सरकारी योजनाओं की राशि का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आगे ऐसे सभी मामलों में कानूनी कार्रवाई तेज की जाएगी, ताकि योजना का लाभ सही पात्रों तक पहुंच सके।