प्रोफेसर सस्पेंड, दो अन्य शिक्षक भी नपे, छात्रों ने घेर ली थी यूनिवर्सिटी, पालक भी मौके पर पहुंच गए थे, दवाब में आकर करनी पड़ी कार्रवाई
बिलासपुर. गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के विधि विभाग के शिक्षकों के गंदे आचरण ने शिक्षा जगत को शर्मसार कर दिया है। छात्र की रैगिंग व अश्लील आचरण करने के आरोप में विधि विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर प्रवेश दलेई को सस्पेंड कर दिया गया है जबकि अन्य दो एडहाक शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है। प्रवेश दलेई राज्य के पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी पीसी दलई के बेटे हैं। प्रशासन ने निलंबित व बर्खास्त करने का आदेश भी जारी कर दिया है। छात्रों के दिन भर चले विरोध प्रदर्शन के बीच प्रशासन ने शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई तो की, लेकिन कुलपति प्रोफेसर अंजिला गुप्ता के खिलाफ छात्रों व पालकों का आक्रोश अधिक दिखायी पड़ा।
दरअसल पूरा घटनाक्रम गुरुवार को दोपहर 1 बजे शुरु हुआ जब बीए एलएलबी प्रथम वर्ष के छात्र दिव्यम तिवारी के पिता योगेद्रनाथ तिवारी विवि पहुंचे और कुलपति अंजिला गुप्ता से मुलाकात कर अपने बेटे की समस्या बतानी चाही। विवि प्रशासन ने कुलपति से भेंट कराने में असमर्थता व्यक्त की। इस पर वे आक्रोशित हो गए और प्रशासनिक भवन में ही धरने पर बैठ गए। उनके साथ एलएलबी, एबीवीपी, ब्रदरहुड पैनल, यूनिवर्सिटी स्टूडेंट काउंसिल व अन्य फैकल्टी के सौ से अधिक छात्र भी बैठ गए और कुलपति मुर्दाबाद, विवि प्रशासन होश में आओ के नारे लगाते रहे। छात्र के पिता का कहना था कि असिस्टेंट प्रोफेसर दलेई की वजह से उनका पुत्र मानसिक संताप में था और आत्महत्या तक करने की सोच रहा था। इस बात की जानकारी होने पर वे आए हैं और कुलपति से मुलाकात कर इस समस्या को हल करना चाहते हैं।
आईटीआई कोनी के मुख्य द्वार पर दी थी धमकी
दिव्यम इन तमाम घटनाक्रम से परेशान था और आत्महत्या करने की सोंच रहा था। इसी बीच 15 अप्रैल की रात फिर से दलेई ने 15-20 बार फोन किया। आईटीआई गेट पुहंचने पर दलेई व अन्य दो शिक्षकों ने उसे रोक कर हाथापाई करने की कोशिश की। छात्र किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से भागा। इसके बाद उसने पूरे मामले की जानकारी अपने हास्टल के छात्रों को बताई। साथियों ने पूरे मामले की जानकारी अपने घरवालों को देने के लिए कहा। साथियों की समझाइश पर उसने पिता को पूरे मामले की जानकारी दी।
ये है पूरा मामला
आरोप है कि दिव्यम तिवारी को पिछले एक वर्ष से सहायक प्राध्यापक दलेई परेशान कर रहा है। क्लास की एक लड़की से दूर रहने के लिए लगातार धमकी देते हुए दूर रहने को कहता था। ऐसा नहीं करने पर कॅरियर खराब करने और हाथ-पैर तुड़वाने की बात कहते थे। 5 अप्रैल की रात 12.34 बजे पर फोन कर दलेई ने कहा कि कल सुबह विश्वविद्यालय आकर मिलो। 6 अप्रैल को जब तिवारी मिलने गया तो अपशब्द कहते हुए विषय कांट्रैक्ट 2, लीगल इंग्लिश और फैमिली ला में अटेंडेंस शार्ट करने और परीक्षा में शामिल नहीं होने की चेतावनी दी। छात्र इस धमकी से डर गया और डिप्रेशन में आ गया। 6 अप्रैल की रात 8 बजे फिर किसी अन्य नंबर से फोन कर रामा पोर्ट व्यापार विहार बुलाया। छात्र सहमते हुए पहुंचा तो वहां दलेई समेत एडहाक शिक्षक रोहित रंजन, नितिन टोप्पो व दो अन्य लोगों ने धमकाते हुए क्लास की उक्त छात्रा से दूर रहने की धमकी दी। ऐसा नहीं करने पर गंभीर परिणाम भुगतने को तैयार रहने कहा।
-अपने बेटे को बड़ा वकील बनाने के लिए बड़ी हसरत से केंद्रीय विश्वविद्यालय में दाखिला दिलाया था। लेकिन इस प्रकार की हरकत शिक्षा जगत को शर्मसार करती है। अब उसकी मनोदशा कब सामान्य होगी, ये सोचकर परेशान हूं। समझ नहीं कि रहा कि क्या करुं। - योगेंद्रनाथ तिवारी, पिता निवासी नमनाकला, अंबिकापुर
छात्रों की शिकायत पर सहायक प्राध्यापक प्रवेश दलेई को विश्व विद्यालय प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। साथ ही एडहाक पर नियुक्त दो शिक्षकों को सेवामुक्त कर दिया गया है।
प्रो. शैलेंद्र कुमार, कार्यकारी कुलसचिव, सीयू
बेखबर कुलपति अंजिला गुप्ता, नहीं संभाल पा रही यूनिवर्सिटी...
1. फीस वृद्धि के खिलाफ 18 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन ।
2. छात्र की प्रताडऩा से तंग छात्रा ने की थी आत्महत्या
3. पानी, बिल्डिंग, परीक्षा परिणाम में देरी के खिलाफ आंदोलन
4. बस में छात्राओं के साथ अभद्रता के खिलाफ आंदोलन
5. हॉस्टल के भोजन में गुणवत्ता हीन भोजन
6. छात्रसंघ चुनाव और फेस्ट पर लगायी गई रोक
7. कैंपस सिक्योरिटी की उठा चुके हैं मांग।
8. लॉ में पहले भी एक शिक्षक ने की थी अभद्रता