Rakhi 2023 : रक्षाबंधन व स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर देशभक्ति गीत गाते हुए तिलकनगर, राजकिशोरनगर सरस्वती शिशु मंदिरों की छात्राओं ने बार्डर में देश की रक्षा के लिए तैनात फौजी भाइयों के लिए राखियां भेजने राखी बना रही हैं।
बिलासपुर. रक्षाबंधन व स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर देशभक्ति गीत गाते हुए तिलकनगर, राजकिशोरनगर सरस्वती शिशु मंदिरों की छात्राओं ने बार्डर में देश की रक्षा के लिए तैनात फौजी भाइयों के लिए राखियां भेजने राखी बना रही हैं।
देश की रक्षा में तैनात फौजी भाइयों के लिए शहर की छात्राएं राखियां भेजने की तैयारी कर रही हैं। ये राखियां धान, लौकी, करेला, खीरा, तोरई के बीज,चावल के दानें से बनाई जा रही हैं। शिक्षिका अर्चना मजूमदार, सीमा दुबे, निधि अवस्थी , जागृति साहू , शशि श्रीवास्तव, शालिनी श्रीवास्तव, अर्चना मुजूमदार, माधुरी बापते, सीमा दुबे, सुधा दवे, आनंदी दुबे, ममता श्रीवास्तव की टीम ने राखियां बनाने में मदद कर रहीं।
लिफाफे बंद राखियों में प्रेषक ने बकायदा अपना नाम अंकित किया है। लिफाफे में राखियों के साथ हल्दी चावल के दाने और मिट्टी भी रखी है। मिट्टी देश की माटी के लिए मर मिटने वाले सैनिकों के लिए शौर्य का प्रतीक है।
ऐसे जाएगी राखी
राखियां बिलासपुर रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, नागपुर, बैतूल, इटारसी, भोपाल, सीहोर, देवास, उज्जैन, राजस्थान के कोटा, बूंदी टोंक, जयपुर, गुरुग्राम, दिल्ली, पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला, खन्ना, लुधियाना, जालंधर, पठानकोट, जम्मू होते हुए उधमपुर पहुंचाई जाएंगी। जहां से वे रक्षाबंधन के दिन तक बॉर्डर पर ड्यूटी कर रहे सैनिकों तक पहुंचा दी जाएंगी।