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Chhattisgarh High Court: समर वेकेशन से पहले हाईकोर्ट की नई सुनवाई व्यवस्था लागू, नई बेंचों को मिली जिम्मेदारी

Chhattisgarh High Court: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में 7 मई से नया रोस्टर लागू हो गया है। नई व्यवस्था के तहत विभिन्न मामलों की सुनवाई के लिए 4 डिवीजन बेंच और 14 सिंगल बेंच गठित की गई हैं।
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बिलासपुर

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Shradha Jaiswal

•

Updated: 7 May 2026, 4:59 PM IST

समर वेकेशन से पहले हाईकोर्ट की नई सुनवाई व्यवस्था लागू, नई बेंचों को मिली जिम्मेदारी(photo-patrika)

समर वेकेशन से पहले हाईकोर्ट की नई सुनवाई व्यवस्था लागू, नई बेंचों को मिली जिम्मेदारी(photo-patrika)

Chhattisgarh High Court: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में समर वेकेशन से पहले सुनवाई व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। हाईकोर्ट प्रशासन ने नया रोस्टर जारी कर दिया है, जो 7 मई से प्रभावी हो गया है। नई व्यवस्था के तहत विभिन्न मामलों की सुनवाई के लिए चार डिवीजन बेंच और 14 सिंगल बेंच गठित की गई हैं।

Chhattisgarh High Court: 7 मई से लागू हुआ नया रोस्टर

हाईकोर्ट द्वारा जारी नई सूची के अनुसार अब अलग-अलग प्रकार के मामलों की सुनवाई तय बेंचों द्वारा की जाएगी। समर वेकेशन से पहले लंबित मामलों के प्रभावी निपटारे और कार्यों के बेहतर संचालन को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव किया गया है।

पहली डिवीजन बेंच संभालेगी जनहित याचिकाएं

मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की प्रथम डिवीजन बेंच को जनहित याचिकाओं, हेबियस कॉर्पस, रिट अपील और अन्य विशेष मामलों की सुनवाई की जिम्मेदारी दी गई है। यह बेंच महत्वपूर्ण संवैधानिक और सार्वजनिक हित से जुड़े मामलों पर सुनवाई करेगी।

दूसरी बेंच में होगी आपराधिक मामलों की सुनवाई

जस्टिस संजय के अग्रवाल और जस्टिस संजय जायसवाल की डिवीजन बेंच आपराधिक मामलों और अल्ट्रा वायर्स से जुड़े प्रकरणों की सुनवाई करेगी। इस बेंच के पास गंभीर आपराधिक और कानूनी वैधता से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी रहेगी।

कैदी अपीलों के लिए अलग बेंच गठित

तीसरी डिवीजन बेंच में जस्टिस संजय अग्रवाल और जस्टिस एनके व्यास को कैदी अपीलों से संबंधित मामलों की सुनवाई सौंपी गई है। जेलों से जुड़े अपील मामलों और सजा संबंधी याचिकाओं की सुनवाई इसी बेंच में होगी।

वैवाहिक, टैक्स और सेवा मामलों के लिए चौथी बेंच

जस्टिस पार्थ प्रतिम साहू और जस्टिस सचिन सिंह राजपूत की चौथी डिवीजन बेंच वैवाहिक अपील, टैक्स और सेवा संबंधी मामलों की सुनवाई करेगी। कर्मचारियों और पारिवारिक विवादों से जुड़े प्रकरण इसी बेंच में सुने जाएंगे।

14 सिंगल बेंच भी करेंगी नियमित सुनवाई

नई व्यवस्था में मुख्य न्यायाधीश की विशेष बेंच सहित कुल 14 सिंगल बेंच भी गठित की गई हैं। ये बेंच विभिन्न श्रेणी के मामलों की नियमित सुनवाई करेंगी, जिससे मामलों के तेजी से निपटारे में मदद मिलने की उम्मीद है।

न्यायिक कार्यों में आएगी तेजी

हाईकोर्ट के नए रोस्टर से न्यायिक कार्यों के बेहतर संचालन और लंबित मामलों की सुनवाई में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है। समर वेकेशन से पहले यह बदलाव कोर्ट की कार्यप्रणाली को व्यवस्थित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

वकीलों और पक्षकारों के लिए अहम अपडेट

नए रोस्टर लागू होने के बाद अब अधिवक्ताओं और पक्षकारों को अपने मामलों की सुनवाई के लिए निर्धारित बेंच के अनुसार तैयारी करनी होगी। कोर्ट प्रशासन ने सभी संबंधित पक्षों को नई व्यवस्था की जानकारी दे दी है।