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CGPSC Scam Case: 50-60 लाख में तय होती थी नौकरी! बारनवापारा रिजॉर्ट से चलता था पेपर लीक रैकेट, आरोपी की अग्रिम जमानत खारिज

CGPSC Scam Case: सीजीपीएससी 2022 परीक्षा में उम्मीदवारों से 50 से 60 लाख रुपए लेकर चयन कराने और पेपर लीक करने के आरोपी उत्कर्ष चंद्राकर की अग्रिम जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है।

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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (Photo Patrika)

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (Photo Patrika)

CGPSC Scam Case: छत्तीसगढ़ पीएससी 2022 के प्रत्येक उम्मीदवार से 25 लाख लेकर परीक्षा पास कराने के आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। सीबीआई जांच में सामने आया है कि, रायपुर शांति नगर के रहने वाले उत्कर्ष चंद्राकर ने बड़ी रकम लेने के बाद 30-35 उम्मीदवारों को प्री और मेंस के प्रश्नपत्र दिए थे। उत्कर्ष पर मामला दर्ज होने के बाद से वह फरार है।

हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि पेपर लीक करना मेहनत करने वाले युवाओं के भविष्य से खिलवा? है। उल्लेखनीय है कि इस घोटाले में सीबीआई ने अपनी अंतिम चार्जशीट में कुल 29 लोगों को आरोपी बनाया है, जिसमें मास्टमाइंड
सीजीपीएससी का तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी जेल में हैं।

गवाह आवेदक ने किए महत्वपूर्ण खुलासे

मामले की अहम गवाह आवेदक सुषमा अग्रवाल ने धारा 164 के तहत दिए बयान में कई खुलासे किए हैं। उसने बताया कि उत्कर्ष ने उससे 25 लाख रुपए लिए थे। 8 मई 2022 को बुक की गई बस से उम्मीदवारों को बारनवापारा रिजॉर्ट ले जाया गया, जहां लीक प्रश्नपत्रों के जरिए मुख्य परीक्षा की तैयारी करवाई गई। आरोप है कि उत्कर्ष चंद्राकर ने चयन के बदले उम्मीदवारों से 50 से 60 लाख रुपए तक की मांग की थी।

परीक्षा से पहले उम्मीदवारों को रायपुर के सिद्धि विनायक पैलेस, बारनवापारा रिजॉर्ट और होटल वेंकटेश इंटरनेशनल में ठहराया गया था। प्रारंभिक परीक्षा से एक दिन पहले 12 फरवरी 2022 को उत्कर्ष ने उम्मीदवारों को प्रश्नपत्र और उसके जवाब दे दिए थे। मुख्य परीक्षा के समय भी मोबाइल से प्रश्नपत्र मंगवाकर रिजॉर्ट में ठहरे उम्मीदवारों को याद कराया जाता था।

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