बिलासपुर

जंग लगी कील धंसने से रहमान का सडऩे लगा पैर, मदद की दरकार

अगर उसका सही तरीके से इलाज अभी भी नहीं हुआ तो पैर काटने की नौबत आ सकती है।

2 min read
Help

बिलासपुर . जंगल में मवेशी चराने गए रहमान पैकरा (24) का पैर जंग लगी कील धंसने से सडऩे के कगार पर है। सरकारी अस्पताल में सही इलाज नहीं होने पर मंगला चौक के पास बिलासपुर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। रहमान गरीब है, उसके परिजनों के पास इलाज के लिए पैसे नहीं हैं। उसके माता-पिता को इलाज में मदद की आवश्यकता है। रहमान के पैर की पूरी चमड़ी जांघ तक गलनी शुरू हो गई थी। इंफेक्शन बढ़कर हड्डियों में पहुंच रहा था। इसका असर दूसरे पैर पर भी दिखना चालू हो गया था। दरअसल उसके पैर में इंफेक्शन हो गया है। उसके पूरे पैर से मवाद आ रहा है। अगर उसका सही तरीके से इलाज अभी भी नहीं हुआ तो पैर काटने की नौबत आ सकती है। उसको बिलासपुर हॉस्पिटल में शिफ्ट करवाया गया। जहां डॉ. गोपेन्द्र दीक्षित द्वारा इलाज किया जा रहा है। उसमें मरीज का इलाज कम से कम एक महीने तक करना होगा। रोजाना दो बार ड्रेसिंग करके पैरो के मवाद को कम करना होगा फिर लगभग 3 सप्ताह के बाद जब पैर का मवाद कंट्रोल में आएगा तब फिर उसके पैर के पूरे घाव के ऊपर स्किन ग्राफ्टिंग या फिर फ्लैप सर्जरी का ऑपरेशन कर पूरे घाव को कवर करना पड़ेगा।
READ MORE : चलती सुनवाई बीच में छोड़कर बाहर निकल गए वकील, कहा जज की कार्यप्रणाली असंतोषजनक

शरीर में खून भी कम है : डाक्टरों के अनुसार मरीज का पोषण का स्तर भी बहुत कमजोर है, इसलिए उसकी हेल्थ भी सही करनी होगी। वर्तमान में रहमान का हिमोग्लोबिन लेवल 4 ग्राम है। उसे भी सामान्य स्तर पर लाने के लिए कम से कम 6 से 7 यूनिट ब्लड चढ़वाना पडेंगा। सोमवार को रहमान को एक यूनिट ब्लड चढ़ाया गया है।
यहां करे मदद : रहमान जल्दी से ठीक हो कर अपने पैरों पर खड़ा हो जाए और वापस अपने परिवार के बीच सामान्य जिंदगी में लौट सके। इसके लिए उसे मदद की जरूरत है। शहर की संस्थाएं और लोग उसकी मदद कर सकते हैं। इसके लिए बिलासपुर हॉस्पिटल जाकर या फिर उसके पिता के खाता नम्बर. 31005118939 पर रकम जमा कराई जा सकती है।

Published on:
29 Nov 2017 11:29 am