नगर पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच के बाद में कूट रचना पूर्वक साजिश करने का मामला पाया व शिकायतकत्र्ता के खिलाफ अपराध दर्ज कराया है।
बिलासपुर. 22 अक्टूबर की रात मन्नू चौक टिकरापारा में आपसी खींचतान के दौरान चली गोली में पुलिस ने डेढ़ दर्जन लोगों को आरोपी बनाया था। आरोपियों में एक हरीश गेंदले भी शामिल था। बेटे को बचाने के लिए पिता जैनेन्द्र गेंदले ने सूचना के अधिकार के तहत निकाले गए एफआईआर की प्रति में छेड़छाड़ करते अपराध क्रमांक 341/15 प्रकरण में आरोपी बेटे का नाम हटाते हुए छेड़छाड़ की और तत्कालीन थाना प्रभारी व अन्य से रिश्वत मागंने व जबरिया झूठे आरोप में फंसाने की शिकायत लोक आयोग रायपुर में की थी। नगर पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच के बाद में कूट रचना पूर्वक साजिश करने का मामला पाया व शिकायतकत्र्ता के खिलाफ धारा 420, 467 व 468 के तहत अपराध दर्ज कराया है।
कोतवाली थाना प्रभारी अंजू चेलक ने शनिवार को नगर पुलिस अधीक्षक विश्वदीपक त्रिपाठी के निर्देश पर लोक आयोग रायपुर के 18/18 की जांच के बाद आवेदक जैनेन्द्र कुमार गेंदले पर कूटरचना व सरकारी दस्तावेज की प्रति से छेड़छाड़ कर झूठी शिकायत का दोषी मानते हुए विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। जैनेन्द्र कुमार गेंदले ने अपने प्रस्तुत आवेदन में तत्कालीन थाना प्रभारी व अन्य पुलिस कर्मियों पर उसके बेटे को फंसाने का झूठा आरोप लगाने की शिकायत लोक आयोग से की थी। मामले की जांच के दौरान नगर पुलिस अधीक्षक विश्वदीपक त्रिपाठी ने जरायम चेक करने पर कार्बन कॉपी की जांच में पाया था कि आवेदक ने अपने बेटे हरीश गेंदले को बचाने के लिए मूल दस्तावेज से छेड़छाड़ करते हुए पेज क्रमांक 4 को 94 कर दिया था, जो कार्बन कॉपी में 4 अंकित था। जांच में पता चला की जैनेन्द्र गेंदले ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए मुख्य शिकायत एफआईआर कॉपी की मूल लिखावट में कूटरचना करते हुए अपने बेटे आरोपी हरीश गेंदले का नाम बदल दिया था। लोक आयोग प्रकरण 18/2016 में आवेदक जैनेन्द्र कुमार गेंदले के प्रस्तुत शिकायत में दस्तावेज की मांग की गई थी।
एफआईआर में 1 से 50 कंडिका होती है आवेदक ने कर दिया था 94 : नगर पुलिस अधीक्षक ने जांच में पाया कि छत्तीसगढ़ शासन की प्रथम सूचना पत्र फॉर्म में कंडिका 1 से 50 तक ही बिन्दु होती है। लेकिन संलग्न पत्र में 94 अंकित था। जांच में यह भी पता चला की हत्या के प्रयास बलवा व आम्र्स एक्ट की धारा से बचाने के लिए बेटे हरीश गेंदले का नाम टेम्परिंग के माध्यम से हटा दिया था जबकी जरायम के 10 क्रमांक में आरोपी हरीश गेंदले का नाम लिखा हुआ था।
यह है पूरी घटना : 22 अक्टूबर की रात को मन्नू चौक टिकरापारा में सत्यजीत सोनकर पिता रसीदलाल (17) अपने साथियों चीकू केसरी व अन्य डेढ़ दर्जन आरोपियों के साथ खड़ा था। इस दौरान सत्यजीत व चीकू केसरी के बीच छीन झपटी के दौरान सत्यजीत सोनकर के पीठ के पास गोली लगी थी। मामले में तत्कालिन जांच अधिकारी टीई राम ने चीकू केसरी, गौरव बोले, रवि बोले, रितेश श्रीवास, लव बोल, प्रवीण सोनकर रोहन गोरख, अमित सिंह, सुधीर केसरी, रामेश्वर उर्फ सोनू बोले व हरीश गेंदले के खिलाफ धारा 307,147,148,149 व 25,27 आम्स एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर गिरफ्तार किया था। वही अन्य आरोपियों में कुश बोले, सन्नी बोले, शिवम बोले, नरसिंह उर्फ गोल्डी सोनखर, भावेन्द्र गंगोत्री व इम्तियाज खान की तलाश कर रही थी।
उच्च अधिकारियों के निर्देश पर दर्ज की गई है एफआईआर : उच्चाधिकारियों के निर्देश पर अपराध दर्ज किया गया है। इस मामले में मुझे कोई जानकारी नहीं है। न तो मैने जांच की है और ही मेरे पास कोई दस्तावेज मौजूद है।
अंजू चेलक, थाना प्रभारी कोतवाली