बिलासपुर

online classes : छात्रों में लिखने की आदत छूटी , हैंडराइटिंग हुई ख़राब, मार्क्स भी आ रहे कम, पढ़ें ये रिपोर्ट

Online Classes : कॉलजों और स्कूलों में बच्चों की हेंडराइटिंग खराब हो गई है। स्थिति यह है कि बच्चे परीक्षा हॉल में ठीक से लिख नहीं पा रहे है, जो थोड़ा बहुत लिख भी रहे हैं, तो वह सबसे ज्यादा शब्दों और मात्राओं की गलती कर रहे हैं। चाहे वह हिंदी माध्यम के हो या अंग्रेजी माध्यम के हो।

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online classes : छात्रों में लिखने की आदत chhuti, हैंडराइटिंग हुई ख़राब, मार्क्स भी आ रहे कम, पढ़ें ये रिपोर्ट

निशांत तिवारी@बिलासपुर. कॉलजों और स्कूलों में बच्चों की हेंडराइटिंग खराब हो गई है। स्थिति यह है कि बच्चे परीक्षा हॉल में ठीक से लिख नहीं पा रहे है, जो थोड़ा बहुत लिख भी रहे हैं, तो वह सबसे ज्यादा शब्दों और मात्राओं की गलती कर रहे हैं। चाहे वह हिंदी माध्यम के हो या अंग्रेजी माध्यम के हो।

इस वजह से भी प्रदेश भर के विश्वविद्यालयों में 2 विषयों पर भी सप्लीमेंट्री देने की योजना बनाई गई है। प्रोफेसरों ने बताया कि वे कॉपी चेक करने के दौरान देखा कॉलेज के छात्र 2, 3 पेज तक ठीक से लिख नहीं पा रहे हैं। ऐसी समस्या अधितर छात्रों के साथ हो रही है। प्रोफेसरों ने भी इन चीजों पर अब मंथन शुरू कर दिया है।

उनका कहना है कि कोरोना काल के दौरान ऑनलाइन मोड के कारण नोट्स बनाने और उसे पढ़कर समझने की आदत छूट गई, जिसका असर ऑफलाइन परीक्षा में साफ दिख रहा है।

रविशंकर यूनिवर्सिटी के प्रो. सुरेंद्र पटेल ने बताया कि कोरोना काल के दौरान बच्चों के हाथों में मोबाइल था, तो उनका दिमाग पढ़ाई को छोड़कर ऑनलाइन गेम खेलना, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में बीता। इससे युवाओं की आदत बिगड़ गई है।

इस दौरान ऑफलाइन लिखने, पढ़ने, समझने की क्षमता पूरी तरह से कमजोर हो गई है, जिसका असर बच्चों पर दिख रहा है। फिर से बच्चों को पटरी पर लाने के लिए वर्कशॉप, निबंध प्रतियोगिता, स्किल बेस्ड प्रोग्राम कराकर मेंटली और फिजिकली फिर से मजबूत कर सकते हैं।

Updated on:
17 Aug 2023 01:04 pm
Published on:
17 Aug 2023 01:02 pm
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