
बिलासपुर . चुनाव ड्यूटी से वापस लौट रहे आरपीएफ के जवानों ने एसी खराब होने की शिकायत की। शिकायत पर पहुंचा रेलवे का इंजीनियर एसी बना रहा था तभी ट्रेन रवाना होने की घोषणा हो गई, इंजीनियर उतरने लगा तो जवानों ने उसे उतरने ही नहीं दिया और अपने साथ बल पूर्वक ट्रेन में बिठाकर ले गए। भाटापारा में जवानों को आरपीएफ और जीआरपी ने समझाइश देकर इंजीनियर को नीचे उतारा। जवानों के चुंगल से छुट कर बिलासपुर पहुंचे इंजीनियर ने बल पूर्वक अगवा करने की शिकायत दर्ज कराई है। त्रिपुरा, मेघालय और नागालैण्ड से चुनाव ड्यूटी के बाद स्पेशल ट्रेन नम्बर 00388 से वापस लौट रहे जवानों ने बिलासपुर स्टेशन पहुंचने पर सुबह 10.50 बजे बर्थ नम्बर 96115 एसीसीएन में एसी खराब होने की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद एसी चेक करने पहुंचे इंजीनियर एसआर मीणा एसएसई/सी/डब्ल्यू इंजीनियरिंग विभाग स्पेशल ट्रेन नम्बर 00388 के कोच नम्बर 96115 में पहुंचा और बंद एसी को चेक कर मरम्मत करने लगा। कोच के दो बंद एसी तो चालू कर दिए और तीसरा एसी बनाने लगा। इसी बीच स्पेशल ट्रेन छूटने लगी। इस पर इंजीनियर ने जवानों से अगले स्टापेज में एसी को बनवा लेने की बात कही और उतरने लगा। इस पर गुस्साए जवानों ने उसे पकड़ लिया और जब तक एसी नहीं बना देते तब तक नही जाने देगें कहते हुए बंधक बना लिया। इंजीनियर के बंधक बनाने का पता चलते ही बिलासपुर रेलवे स्टेशन में तैनात अन्य इंजीनियरों ने जीआरपी थाने पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई। इंजीनियर को बंधक बनाकर साथ लेजाने की सूचना के बाद जीआरपी और आरपीएफ में हड़कम्प मच गया और आनन-फानन में शिकायत दर्ज कर स्पेशल ट्रेन को भाटापारा रेलवे स्टेशन में रुकवाकर इंजीनियर एसआर मीणा को ट्रेन से नीचे उतारा गया।
बयान हुई दर्ज : जवानों के चुंगल से छुटे इंजीनियर एसआर मीणा लोकल ट्रेन से बिलासपुर पहुंचे और मामले की शिकायत दर्ज कराई है। मामले में जीआरपी के अधिकारियों का कहना है कि पहले मामले की विवेचना की जाएगी उसके बाद अपराध दर्ज किया जाएगा। मामले की शिकायत लेकर पीडि़त
का बयान दर्ज कर लिया गया है।