
बिलासपुर. पिछले कुछ दिनों से महाप्रभु अस्वस्थ्य चल रहे हैं। उनके उपचार में मंदिर के पुजारी जुटे हुए हैं। सोमवार को भगवान को एक बार फिर से कमजोरी महसूस हुई। उनको भक्तों से न मिलने पर चिंता हो रही है। वे जल्द ही भक्तों से मिलना चाहते हैं। इसी चिंता में उनके स्वास्थ्य में ठीक से सुधार नहीं हो रहा है। सुबह महाप्रभु उठ नहीं सके कमजोरी अधिक थी इसलिए उनको अधिक मात्रा में सोंठ डालकर गुड़ युक्त काढ़ा पिलाया गया। इसके बाद पुजारी ने औषधियुक्त फुलरी तेल महाप्रभु को लगाया। रेलवे क्षेत्र स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में महाप्रभु की तबियत बिगड़ी हुई है। उनका उपचार किया जा रहा है। महाप्रभु जल्द स्वस्थ्य होना चाहते हैं, लेकिन मौसम के कारण उनके स्वास्थ्य में सुधार कम ही हो रहा है। लगातार काढ़ा पिलाया जा रहा है ताकि उनकी कमजोरी दूर हो और ज्वर से भी मुक्ति मिले। मंदिर के पुजारी गोविंद प्रसाद पाढ़ी ने बताया कि जब से प्रभु का स्वास्थ्य बिगड़ा है, अधिक ज्वर से कमजोरी हो गई है। ज्वर दूर हो इसलिए लगातार काढ़ा ही दिया जा रहा है। काढ़ा में सोंठ, गुड़ के साथ तुलसी पत्ता डाल कर पिलाया जा रहा है। आज प्रभु पूरे दिन कमजोरी के कारण आराम करते रहे हैं। सुबह मुंह धोकर उनको काढ़ा दिया गया। फिर शाम तक सोए रहे और रात में काढ़ा देने के बाद उनको औषधियुक्त तेल लगाया गया। जिसके बाद प्रभु को नींद आई।
चिंता से बिगड़ रही तबीयत : मंदिर समिति के उपाध्यक्ष केके बेहरा ने बताया कि स्नान पूर्णिमा के बाद से महाप्रभु भक्तों से नहीं मिले हैं। विश्राम कर रहे हैं लेकिन प्रभु का हृदय भक्तों की तरफ ही है। वे अपने भक्तों से मिलना चाहते हैं, साथ ही मौसी मां के घर जाना है और अभी तक पूरी तैयारी नहीं हुई। इन सभी कारणों से महाप्रभु की तबीयत में सुधार कम हो रहा है। समय के साथ स्वास्थ्य में सुधार होगा।
भक्त भी हैं परेशान : महाप्रभु के दर्शन के लिए भक्त बहुत ज्यादा ही ललायित हो रहे हैं। भक्त चाहते हैं कि भगवान जल्द स्वस्थ्य हो और भक्तों से मिलने के लिए रथ में सवार होकर निकले इसकी कामना कर रहे हैं।