Navratri 2023 : दस दिनी गणेशोत्सव के समापन के बाद श्राद्ध पक्ष शुरू हो चुका है। अक्टूबर में अब मां की नौ दिनी अराधना शुरू होगी।
बिलासपुर. दस दिनी गणेशोत्सव के समापन के बाद श्राद्ध पक्ष शुरू हो चुका है। अक्टूबर में अब मां की नौ दिनी अराधना शुरू होगी। घटस्थापना के साथ शहर में गरबा की धूम होगी। इस माह श्राद्ध पक्ष के समापन के बाद नवरात्रि, दशहरा और शरद पूर्णिमा भी है। ज्योतिष के अनुसार, विशेष योग में आ रही नवरात्रि में अराधना करने वालों को हर तरह की सफलता मिल सकती है।
पंडित जागेश्वर अवस्थी ने बताया कि चित्रा नक्षत्र एवं तुला राशि के चंद्रमा की साक्षी में शारदीय नवरात्रि आ रही है। ग्रह गोचर की गणना से देखे तो सूर्य बुध का कन्या राशि में गोचर करना बुधादित्य योग की स्थिति बनाता है। संयोग से इसी दिन रविवार भी है। इस दृष्टिकोण से यह स्थापना के साथ-साथ साधना की सफलता के नए आयाम दे सकेगा। ज्योतिष जगदानन्द झा ने बताया कि अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि से अक्टूबर मास की शुरुआत हो रही है।
इस बार श्राद्ध से माह की शुरुआत हो रही है। इसी बीच विशेष त्योहार पितरों के माने जाते हैं। खरीदारी के शुभ मुहूर्त भी दान की दृष्टि से श्रेष्ठ बताए जा रहे हैं। सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग के संयोग का भी इस पक्ष काल में विशेष अनुक्रम रहेगा। इन योगों में दान तथा चिरस्थाई समृद्धि के लिए खरीदारी की जा सकती है ।
पूजन की तिथियां
●14 अक्टूबर सर्वपितृ अमावस्या, शनिश्चरी अमावस्या
●15 अक्टूबर शारदीय नवरात्र
●19 अक्टूबर ललिता पंचमी
●22 अक्टूबर दुर्गा अष्टमी, महाष्टमी
●23 अक्टूबर महानवमी, नवरात्रि समापन
●24 अक्टूबर विजयादशमी
●28 अक्टूबर शरद पूर्णिमा के साथ चंद्रग्रहण