
आंखों में तनाव, खिंचाव और थकान का कारण लगातार या लंबे समय तक काम करते रहना हो सकता है। इसके अलावा पर्याप्त नींद न लेने से भी आंखों में दर्द और असहजता महसूस होने लगती है। इसके लिए आंखों पर पानी के छींटें देने के अलावा कुछ क्रियाएं ऐसी हैं जिन्हें दिनभर में कभी भी किया जा सकता है।
त्राटक
ऐसे करें: इस क्रिया में आंखों को किसी निश्चित बिंदु पर एकाग्र करना होता है। इसके लिए मोमबत्ती की लॉ, दीवार पर बना कोई विशेष बिंदु, क्रिस्टल बॉल आदि पर आंखों को कुछ देर टिकाए रखना जरूरी है। इसके अभ्यास की शुरुआत शरीर को तनावमुक्त और कमर को सीधा कर बैठकर व खड़े होकर करनी होती है। इसके बाद पलकों को झपकाए बिना विशेष बिंदु पर क्षमतानुसार देखते रहें। इसके बाद आंखों को कुछ समय के लिए बंद करें ताकि आंखें रिलैक्स हो सकें। कुछ समय इसका अभ्यास करते रहें। इससे एकाग्रक्षमता बढ़ती है।
ध्यान रखें: नेत्र संबंधी यदि कोई सर्जरी हुई है या त्राटक के दौरान बार-बार आंखों से पानी निकले तो इसे न करें।
पामिंग
ऐसे करें: आंखों की मांसपेशियों को रिलैक्स करने के लिए यह सबसे अच्छी और कहीं भी आसानी से की जाने वाली क्रिया है। इसके लिए हथेलियों को आपस में रगड़ने के बाद आंखों पर थोड़ी देर के लिए रखें। इस दौरान हाथों की मुद्रा वी शेप की बनेगी। सामान्य सांस लेते रहें। क्षमतानुसार और आंखों पर गर्माहट महसूस बंद होने के बाद हथेलियों को हटा लें। इसे दिन में कई बार दोहराया जा सकता है।
ध्यान रखें: इस क्रिया को करने के दौरान आंखों पर जरूरत से ज्यादा दबाव न बनाएं। असहजता महसूस हो तो इसका अभ्यास न करें।
आंखों की एक्सरसाइज
ऐसे करें: आंखों को दाएं से बाएं, बाएं से दाएं, ऊपर से नीचे, नीचे से ऊपर और गोल-गोल घुमाना फायदेमंद हो सकता है। इससे आंखों से जुड़ी तकलीफ दूर होने के साथ रोशनी में भी सुधार होता है। ऑफिस में काम करने के दौरान या घर पर समय मिलने पर इन गतिविधियों को किया जा सकता है। एक बार में किसी एक एक्सरसाइज को 5 -10 बार किया जा सकता है।
ध्यान रखें : सिर में दर्द है तो तेजी से या जल्दबाजी में आंखें न घुमाएं। आंख से जुड़ी कोई सर्जरी हुई हो तो इसका अभ्यास न करें।