
Hema Malini Controversial Statements: दिग्गज भारतीय अभिनेत्री और बीजेपी सांसद हेमा मालिनी का भारतीय सिनेमा में एक लंबा और सफल करियर रहा है। हालांकि, फिल्मों में अपनी बेबाक अदाकारी से उन्होंने जिस तरह अपनी एक खास पहचान बनाई है. ठीक उसी प्रकार से एक नेता के तौर पर भी उनकी छवि काफी हद तक सकारात्मक रही है, फिर भी उनके राजनितिक करियर में कई ऐसे मौके आये हैं, जब उनको अपने विवादास्पद बयानों और कार्यों को लेकर जनता की आलोचना और मीडिया के सवालों का सामना करना पड़ा।
आइये आज हेमा मालिनी के 77वें जन्मदिन (Hema Malini 77th Birthday) पर उनसे जुड़े कुछ विवादों पर नजर डालते हैं:
बीते साल यानी 2025 में उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान हुई भगदड़, जिसमें 30 लोगों की मौत हो गई थी, उस पर हेमा मालिनी ने एक विवादित बयान देते हुए कहा था कि यह घटना "बहुत बड़ी घटना नहीं थी" और उनका मानना है कि इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है।
अपने विववादित बयान में हेमा मालिनी ने कहा था, "हम भी कुंभ गए थे। हमने संगम में स्नान किया। यह एक दुखद घटना थी, लेकिन इतनी बड़ी नहीं थी। सब कुछ व्यवस्थित था।" इसके साथ ही उन्होंने माना कि उन्हें इस स्थिति के बारे में पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन फिर भी जोर देकर कहा कि इसे बढ़ा-चढ़ाकर बताया जा रहा है। मालिनी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पवित्र स्नान के लिए प्रयागराज जाने वाले हैं, उन्होंने तर्क दिया कि अगर हालात बेकाबू होते, तो प्रधानमंत्री वहां नहीं जाते।' इस बयान के बाद एक्ट्रेस को सोशल मीडिया पर काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था।
2024 में पेरिस ओलंपिक से भारतीय पहलवान विनेश फोगाट के महिलाओं की 50 किलोग्राम कुश्ती स्पर्धा से डिस क्वालिफाइड घोषित होने के बाद बॉलीवुड की कई हस्तियों ने भी इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी और विनेश फोगाट के प्रति अपना समर्थन जताया था। मगर उस दौरान, हेमा मालिनी और बीजेपी सांसद हेमा मालिनी इस मामले पर अपनी टिप्पणी के कारण विवादों में आ गई थीं। एक्ट्रेस ने कहा था, 'यह बहुत आश्चर्यजनक है, और अजीब लगता है कि 100 ग्राम वजन ज्यादा होने की वजह से उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया। वजन को नियंत्रित रखना जरूरी है। यह हम सभी के लिए एक सबक है। काश वह उस 100 ग्राम वजन को जल्दी कम कर पातीं, लेकिन अब ऐसा नहीं हो सकता।" अपनी बात कहने के बाद, अभिनेत्री कैमरे की ओर देखकर मुस्कुराती हुई वहां से चली गईं। हेमा मालिनी की इस टिप्पणी की सोशल मीडिया पर कड़ी आलोचना हुई और कई लोगों ने इसे असंवेदनशील और शर्मनाक बताया।
साल 2019 में, मथुरा से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की उम्मीदवार के तौर पर चुनाव प्रचार के दौरान, हेमा मालिनी की एक तस्वीर सामने आई थी, जिसमें वह सड़कों की सफाई करते हुए झाड़ू थामे नज़र आ रही थीं। कुछ लोगों ने इसे अपने निर्वाचन क्षेत्र की समस्याओं को सुलझाने की सच्ची कोशिश के बजाय, केवल वोट बटोरने के लिए किया गया एक दिखावा माना। इस घटना के बाद उनकी आलोचना हुई और उन पर राजनीतिक अवसरवाद का आरोप लगा।
हालांकि इन विवादों की वजह से वे चर्चा में रहीं और उन्हें आलोचनाओं का सामना भी करना पड़ा, लेकिन एक अभिनेत्री के तौर पर हेमा मालिनी का करियर काफी सफल रहा है। इसके अलावा, वे कई तरह के सामाजिक कार्यों और राजनीतिक गतिविधियों से भी जुड़ी रही हैं।
साल 2015 में, राजस्थान में हेमा मालिनी की कार का एक्सीडेंट हो गया था, जिसमें चार साल की एक बच्ची की मौत हो गई और कुछ अन्य लोग घायल हो गए। इस घटना ने उस दौरान मीडिया का काफी ध्यान खींचा और गाड़ी चलाते समय कथित लापरवाही के लिए हेमा मालिनी की आलोचना हुई। उस दौरान एक्ट्रेस ने X (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट कर लिखा था, 'उस बच्ची के लिए मेरा दिल भर आता है जिसने बेवजह अपनी जान गंवा दी, और उन परिवार वालों के लिए भी जो इस हादसे में घायल हुए हैं।
काश, बच्ची के पिता ने ट्रैफिक नियमों का पालन किया होता - तो यह हादसा टल सकता था और उस नन्ही बच्ची की जान बच सकती थी! उनके इस बयान के बाद लोगों का गुस्सा और भड़क गया और विरोध का सामना करना पड़ा।
2014 में वृंदावन के दौरे के दौरान हेमा मालिनी ने मीडिया से कहा था, "वृंदावन में 40,000 विधवाएं हैं। अगर वे बंगाल से आई हैं, तो वे बंगाल में ही क्यों नहीं रहतीं? वहां भी अच्छे मंदिर हैं। जो बिहार से आई हैं, वे वहीं क्यों नहीं रहतीं? बंगाल से बहुत बड़ी संख्या में लोग आ रहे हैं… यह ठीक नहीं है। इससे वृंदावन के निवासियों को परेशानी होगी।" जब उनसे विधवाओं और उनके बच्चों के भीख मांगने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "उनके पास बैंक बैलेंस है, वे अच्छे से रह रही हैं। उनकी अच्छी कमाई है, सोने के लिए अच्छे बिस्तर हैं। फिर भी वे भीख मांगती हैं। यह उनकी आदत बन गई है।"
उनकी इस टिप्पणी के बाद विपक्षी दलों ने उनकी कड़ी आलोचना की थी और माफी की मांग भी की थी, जिसके बाद एक्ट्रेस ने अपने बयान पर सफाई देते हुए ट्वीट किया था, 'मैं बस इतना कहना चाहती हूं कि बेटों को अपनी माताओं को घर से बाहर नहीं निकालना चाहिए, बल्कि उनकी देखभाल करने और उनके भरण-पोषण की व्यवस्था करनी चाहिए। लोगों में इस बात की कमी है। साथ ही, यहां रहने वाली ज्यादातर महिलाएं पश्चिम बंगाल, बिहार और ओडिशा से हैं।"
उन्होंने कहा, "आप ही बताइए, क्या मैं गलत कह रही हूं कि बेटे-बेटियों को अपनी जिम्मेदारी से नहीं भागना चाहिए? वे अपनी माताओं को ट्रेन में बिठाकर उन्हें भूल नहीं सकते।"
साल 2013 में मुंबई गैंगरेप मामले पर टिप्पणी मांगे जाने के बाद हेमा मालिनी ने कहा था कि महिलाओं पर होने वाले हमलों को रोकने के लिए पुलिस और सरकारों को और अधिक कदम उठाने चाहिए, लेकिन साथ ही उन्होंने महिलाओं से भी अधिक जिम्मेदार और सतर्क रहने की अपील थी। उन्होंने कहा था, 'शक्ति मिल कंपाउंड जैसी जगहों तक लोगों की पहुंच इतनी आसान नहीं होनी चाहिए कि कोई भी वहां जाकर गलत हरकतें कर सके। यह एक सबक है, लेकिन ऐसा सबक किसी लड़की की इज्जत की कीमत पर नहीं मिलना चाहिए था। महिलाओं को भी ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। उन्हें चीजों को इतना हल्के में नहीं लेना चाहिए और कहीं भी नहीं चले जाना चाहिए, क्योंकि आप मुसीबत में फंस सकती हैं। महाभारत में, द्रौपदी की मदद हमेशा भगवान कृष्ण ने की थी। लेकिन एक समाज के तौर पर हम आध्यात्मिक रूप से उतने विकसित नहीं हैं, इसलिए महिलाओं को यह उम्मीद नहीं रखनी चाहिए कि कोई उन्हें बचाने के लिए आएगा।"