Amitabh Bachchan : अमिताभ बच्चन की फिल्म 'मेजर साहब' के सेट पर हुई गुंडागर्दी का खुलासा करते हुए डायरेक्टर टीनू आनंद ने अपनी आपबीती सुनाई…
Amitabh Bachchan: अमिताभ बच्चन की जिंदगी में एक ऐसा वक्त भी आया था जब वो आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। उनकी कंपनी एबीसीएल दिवालिया होने की कगार पर थी। उस मुश्किल दौर में अमिताभ ने 'मेजर साहब' जैसी कुछ फिल्में प्रोड्यूस कीं। अब इस फिल्म के डायरेक्टर टीनू आनंद ने उस समय के सेट के माहौल और उन मुश्किलों का खुलासा किया है जिसकी वजह से उन्होंने फिर कभी फिल्म डायरेक्ट न करने का फैसला ले लिया था।
टीनू आनंद ने बॉलीवुड बबल के साथ एक इंटरव्यू में बताया कि "जब अमिताभ बच्चन कॉर्पोरेट दुनिया में गए, तो वो दिवालिया हो गए थे। बदकिस्मती से, मैं उस वक्त उनके लिए 'मेजर साहब' बना रहा था। हमने कितनी बुरी हालत में काम किया, ये सिर्फ मैं ही जानता हूं, सेट पर मुझे गुंडागर्दी महसूस होता था। बता दें कि प्रोड्यूसर के पास पैसे नहीं थे और उन्होंने पूरी यूनिट को एक ही होटल में रखा था। सोचिए, वो कैसी हालत होगी। हर दूसरे दिन क्रू हड़ताल पर चला जाता था, क्योंकि उन्हें पैसे नहीं मिल रहे थे। वो धमकी देते थे कि काम नहीं करेंगे, सेट पर नहीं आएंगे।"
टीनू आनंद ने आगे बताया कि इस अनुभव का उन पर इतना गहरा असर हुआ कि उन्होंने फैसला कर लिया कि वो कभी कोई फिल्म डायरेक्ट नहीं करेंगे। "इसलिए मैंने 'मेजर साहब' के बाद कभी डायरेक्शन न करने का फैसला लिया। उस दर्द से मैं गुजरा हूं और वो कोई नहीं जानता। यूनिट ने मेरा अपमान किया था। मेरा मन करता था कि मैं उन्हें थप्पड़ मार दूं, लेकिन वो मेरा प्रोडक्शन नहीं था और मुझे डर था कि वो पलट कर मारेंगे। इसलिए मुझे बहुत सावधान रहना पड़ रहा था और अपने गुस्से को काबू में रखना पड़ रहा था," टीनू आनंद ने कहा। बता दें कि इस फिल्म में अमिताभ बच्चन के साथ अजय देवगन, सोनाली बेंद्रे, आशीष विद्यार्थी जैसे कई बड़े एक्टर्स नजर आए थे और ये फिल्म 1998 में रिलीज हुई थी।