मुझे नहीं लगता कि किसी भी रोल की लंबाई मायने रखती है। मायने यह रखता है कि क्या वह किरदार सशक्त है।
किरदार हो सशक्त:
सोनम ने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि किसी भी रोल की लंबाई मायने रखती है। मायने यह रखता है कि क्या वह किरदार सशक्त है। उस भूमिका का फिल्म की कहानी पर क्या प्रभाव पड़ेगा। इसके अलावा किसी भी कलाकार के लिए चुनौतीपूर्ण यह होता है कि वह उसको दी गई भूमिका को पर्दे पर जीवंत कर सके। मुझे भूमिकाओं में यह अच्छा लगता है कि मैं उनमें क्या नया कर सकती हूं। आपके सामने कौन सा अभिनेता है, आपका रोल फिल्म में कितना लंबा है। यह बात आपके लिए जरुरी नहीं होनी चाहिए।'
कलाकारों को समझनी चाहिए अपनी जिम्मेदारी:
सोनम का मानना है कि फिल्में हमारे समाज का आइना होती है। इसलिए कलाकारों को अपनी जिम्मेदारियों को कम नहीं समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिनेमा का लोगों की मानसिकता पर बड़ा प्रभाव पड़ता है, जिसके चलते कलाकारों को उनके प्रति उत्तरदायी होना चाहिए।
फिल्म को मना करना होता है मुश्किल:
सोनम का कहना है कि, 'सबसे बड़ी मुश्किल तब होती है जब हमें किसी फिल्म को मना करना होता है। कभी-कभी मुझे लगता है कि यदि मैंने वह फिल्म कर ली होती तो आज वह हिट होती। मुझे और भूमिकाएं करने का मौका मिलता। मेरी कई फिल्में व्यवसाय की दृष्टि से सफल रही है।'
भूमिकाएं निभाते वक्त पूरी इमानदारी रखना चाहिए:
सोनम का कहना है, 'हम सभी को एक बात सीखनी चाहिए कि हममें साहस और अच्छी नीयत होनी चाहिए। हम जो भी किरदार निभाएं उसे पूरी इमानदारी के साथ निभाएं। तभी हम उसमें जान डाल सकेगें।'
इन फिल्मों में किया काम:
सोनम ने अपने कॅरियर के दौरान 'पैडमैन','नीरजा','दिल्ली 6','भाग मिल्खा भाग','खूबसूरत' जैसी फिल्मों में कई सकारात्मक भूमिकाएं निभाइ हैं। वह इसी तरह की प्रभावशाली भूमिकाओं की खोज में रहती हैं।