
बुलंदशहर. सरकार ने पूरे देश में 21 दिन का लॉकडाउन लोगों को सुरक्षित व स्वस्थ रखने के लिए ही किया है, लेकिन कुछ लोग यह मानने को तैयार नहीं हैं। इसलिए बेवजह अपने साथ अपने परिवार के लोगों के साथ भी खिलवाड़ कर रहे हैं। वहीं विशेषज्ञ चिकित्सकों का कहना है कि घर में रहकर भी बेहद सावधान रहने की जरूरत है। एक छोटी सी चूक आपको कोरोना के नजदीक ला सकती है। लिहाजा सावधानी बरतें, ताकि आप सभी महफूज रह सकें, यह कहना है विशेषज्ञ चिकित्सकों का। उनका कहना है कि घर में थोड़ी सी सावधानी से ही सुरक्षित रहा जा सकता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक घर में आई कच्ची सब्जी और फल को यूं ही खुले हाथों से न पकड़ें। हाथों में गलब्ज पहनकर सब्जी को लें और उसके बाद तुरंत साफ पानी से धोएं। अगर खुले हाथों में सब्जी आदि ले भी रहे हैं तो पहले और बाद में हाथों को सैनिटाइज जरूर करें। विशेषज्ञों का मानना है कि सब्जी भी आपको कोरोना का संक्रमण दे सकती है। इसी तरह दूध के पैकेट लेने जाते समय झोला साथ लेकर जाएं। इसके अलावा कुछ भी सामान पकड़ने के बाद हाथों को धोएं या सैनिटाइज करना न भूलें।
कस्तूरबा गांधी महिला अस्पताल की मैनेजर डाॅ. अंजलि रानी के मुताबिक डोरबेल, कूड़ादान, लिफ्ट के बटन, कार के दरवाजे, बगीचे के फूल, जूते-चप्पल, दरवाजे के हैंडल और नोट व सिक्के जब भी छुएं तो हाथ फौरन धोएं। जरा भी कोताई न करें। उन्होंने कहा कि बच्चों व बुजुर्गों के लिए तो यह वायरस नुकसानदेह है ही, वहीं जवानों को भी लापरवाही नहीं करनी चाहिए।
बुलंदशहर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. केएन तिवारी के मुताबिक जिन लोगों को डायबिटीज और ब्लड प्रेशर की शिकायत रहती है। वह दवाएं खाते रहें और अपने डॉक्टर के संपर्क में रहें। उन्होंने कहा कि खांसी आए या छींक, हाथ फौरन साबुन से धोएं। वहीं डॉ. आनंद स्वरूप के मुताबिक कोरोना वायरस से बचने के लिए सावधानी बरतना ही सबसे कारगर उपाय हैं। उन्होंने कहा कि खांसी या बुखार के लक्षण होने या सांस लेने में तकलीफ होने पर फौरन सरकारी अस्पताल में दिखाएं।