
रामगंजबालाजी. राष्ट्रीय राजमार्ग 52 पर स्थित होटल वेलकम और रामगंज बालाजी व ईटोडा गांव में स्थित जमीन को कुर्क करने की कार्रवाई शनिवार को की गई।
अतिरिक्त मुख्य न्यायाधीश मजिस्ट्रेट ने 4 अक्टूबर को एसपी के नाम आदेश जारी किए थे, जिसमें होटल मालिक द्वारा अर्जित की गई बेशुमार संपत्ति का ब्यौरा पेश नहीं किए जाने के बाद में लगभग 10 से 12 करोड रुपए की संपत्ति का आकलन करके कुर्क करने के आदेश जारी किए गए थे। सदर थाना अधिकारी के नेतृत्व में गठित टीम करके कुर्क करने की कार्रवाई को अंजाम दिया गया। कार्रवाई के दौरान नगर परिषद आयुक्त धर्मेंद्र मीणा, उपखंड अधिकारी लक्ष्मीकांत, पुलिस उपाधीक्षक अरुण कुमार, तहसीलदार अर्जुन लाल मीणा, सदर थाना अधिकारी रमेश चंद आर्य, नगर परिषद की टीम व राजस्व विभाग की टीम द्वारा राजमार्ग स्थित तीन मंजिला होटल को कुर्क करने की कार्रवाई की। इसके साथ ही ईटोडा गांव स्थित खसरा नंबर 159 जो होटल मालिक बनवारी की पत्नी किरण के नाम थी।उक्त भूमि का रखवा 1. 6457 में से 8 / 9 हिस्सा खसरा संख्या 21 को कुर्क करने की कार्रवाई की गई।वहीं रामगंज बालाजी होटल वेलकम के पीछे खसरा संख्या 357 / 358 खाता संख्या 292 रकबा 0.4307 भी होटल मालिक बनवारी की पत्नी किरण के नाम से थी, उसको कुर्क किया गया।
नीलाम की जाएगी
होटल मालिक बनवारी की होटल पर कोटा के कुछ युवक खाना खाने के लिए आए थे। खाना खाने के बाद में पैसे के लेनदेन को लेकर विवाद को लेकर होटल मालिक ने एक युवक की हत्या कर दी थी। हत्या करने के बाद में जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए देह व्यापार से अर्जित की गई संपूर्ण संपत्तियों का ब्यौरा इक_ा करके कार्यवाही को अंजाम दिया गया। 10 से 12 करोड़ की संपत्ति कुर्क करने के बाद में उसकी नीलामी की जाएगी।
नोटिस देकर किया पाबंद
इसके अलावा रामगंजबालाजी रेजिडेंसी कॉलोनी स्थित दो मंजिला मकान को खाली करने के लिए सुबह 10बजे तक का खाली करने के लिए होटल मालिक की पत्नी को नोटिस देकर पाबंद किया गया है। इसके साथ ही अखेड़ स्थित होटल व दो लग्जरी कारों व अन्य संपत्तियों को कुर्क करने की कार्रवाई की जाएगी। यहां प्रशासनिक अमला सुबह से ही कार्रवाई को लेकर मौजूद रहा।
विधानसभा में भी उठा था मामला
रामगंजबालाजी धार्मिक नगरी पर राष्ट्रीय राजमार्ग की सडक़ किनारे संचालित होटल वेलकम का मामला युवक की मौत होने के बाद में विधानसभा में भी उठा था।उक्त मामले को लेकर विधायक हरि मोहन शर्मा ने विधानसभा में उक्त प्रश्न लगाकर जिला प्रशासन से जवाब मांगा था।