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गेण्डोली/झालीजी का बराणा. थाना क्षेत्र के जयस्थल गांव में नदी किनारे स्थित मुक्तिधाम से अंतिम संस्कार के बाद मृतक की अस्थियां गायब मिलने का मामला सामने आया है। रविवार सुबह तीये की रस्म के लिए मुक्तिधाम पहुंचे परिजनों को अस्थियां नहीं मिलीं। वहीं मौके पर तंत्र-मंत्र में इस्तेमाल की जाने वाली पूजन सामग्री, इत्र, प्रसाद, लाल रंग का वस्त्र सहित अन्य सामग्री पड़ी मिलने से परिजन और ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। घटना को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश भी देखने को मिला।
थानाधिकारी सुरजीत सिंह ने बताया कि जयस्थल निवासी कमलेश मीणा ने थाने में रिपोर्ट देकर पूरे मामले की जानकारी दी है। रिपोर्ट में बताया गया कि शुक्रवार को कमलेश के चाचा मदनलाल मीणा (65) का निधन हो गया था। इसके बाद परिजनों ने हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार नदी किनारे बने मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया। अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी परिजन वहां से अपने घर लौट गए थे।
रविवार सुबह परिजन जब तीये की रस्म पूरी करने के लिए मुक्तिधाम पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर हैरान रह गए। अंतिम संस्कार वाली जगह पर मृतक की अस्थियां नहीं मिलीं। परिजनों ने आसपास काफी तलाश की, लेकिन अस्थियों का कहीं कोई पता नहीं चल सका। इसी दौरान उन्हें वहां कुछ पूजन सामग्री, इत्र, प्रसाद और लाल रंग का कपड़ा समेत अन्य सामान पड़ा हुआ दिखाई दिया। मौके की स्थिति को देखकर परिजनों ने तुरंत ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मुक्तिधाम पहुंच गए और मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।
मृतक की अस्थियां गायब मिलने और मौके पर संदिग्ध पूजन सामग्री मिलने से ग्रामीणों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई। परिजनों एवं ग्रामीणों ने घटना को गंभीर बताते हुए पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर अस्थियां गायब होने की घटना का पता लगाने तथा इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि मुक्तिधाम खुला होने के कारण यहां रात के समय किसी के आने-जाने पर निगरानी नहीं रहती। परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Updated on:
24 Aug 2026 05:57 pm
Published on:
24 Aug 2026 05:57 pm
