बूंदी

आखिर क्यो नदी किनारे जाने से खाते हैं खौफ

तालेड़ा क्षेत्र के सादड़ी गांव में ग्रामीणों का मगरमच्छों ने जीना मुश्किल कर रखा है। कभी भी मौका पाकर व्यक्तियों व जानवरों पर हमला कर मौत के घाट उतार सकते हैं।
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Aug 04, 2018
After all, how are you eaten by going to the river?
आखिर क्यो नदी किनारे जाने से खाते हैं खौफ

तालेड़ा. बूंदी. तालेड़ा क्षेत्र के सादड़ी गांव में ग्रामीणों का मगरमच्छों ने जीना मुश्किल कर रखा है।कभी भी मौका पाकर व्यक्तियों व जानवरों पर हमला कर मौत के घाट उतार सकते हैं। लेकिन विभाग को कई बार शिकायत दर्ज कराए जाने के बावजूद भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

मगरमच्छों का आतंक इतना बढ़ चुका है कि पानी से निकलकर भारी भरकम मगरमच्छ गांव में प्रवेश कर जाते हैं और घरों में घुस जाते हैं ग्रामीणों को रात दिन सतर्क रहना पड़ रहा है । कभी भी मगरमच्छ हमला कर भारी नुकसान पहुंचाने को आतुर है फिर भी विभाग अनदेखी कर रहा है। अधिकारियों को अवगत कराए जाने के बावजूद भी मगरमच्छों को पकड़कर नहीं ले जा रहा है। जानवरों व ग्रामीणों का नदी में जाना अपनी जान गंवाना है।

कर चुके हमला
उपप्रधान अमित शर्मा ने बताया कि नदी में मगरमच्छ की बढ़ती तादाद से आस.पास के गांव के ग्रामीणों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।कई बार नदी के घाट पर नहाते समय हमला कर चुके हैं। पिछले कई सालों से मगरमच्छों के आतंक से आसपास के गांव के लोग परेशान हैं। पिछले साल भी दो व्यक्तियों व कई मवेशियों पर हमला कर घायल कर दिए थे। उसके बाद विभाग के अधिकारियों को सूचना दी।

मगरमच्छों को पकड़कर चंबल नदी में छोड़ा गया फिर भी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। वन विभाग के इस बार भी अधिकारियों को सूचना दिए जाने के बावजूद भी मौके पर नहीं पहुंच रहे हैं शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीणों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

इस जगह है आतंक
मगरमच्छ की नदी में बढ़ती संख्या से ग्रामीणों में भारी भय व्याप्त है । क्षेत्र के कुराड़ए सागरी किनारा महादेव मंदिर गौतम आश्रम कनाडा कॉर्नर पुलिया के पास पुरानी पुलिया सहित कई स्थानों पर मगरमच्छों की तादात बढ़ती जा रही है

Published on:
04 Aug 2018 03:56 pm