नैनवां गौण मंडी यार्ड में समर्थन मूल्य पर गेहूं का खरीद केंद्र शुरू हो जाने व गौण मंडी यार्ड में व्यापार चालू कराने के लिए आवश्यक निर्माण कार्य की वित्तीय स्वीकृति की प्रक्रिया विचाराधीन होने का आश्वासन दिए जाने के बाद किसानों ने मंगलवार को 69 दिनों से चले आ रहे धरने को स्थगित कर दिया। फसल खराबे का मुआवजा व नैनवां की गौण मंडी को चालू कराने की मांग को लेकर किसान महापंचायत के तत्वावधान में तहसील कार्यालय के बाहर एक जनवरी से धरना चल रहा था।
नैनवां. नैनवां गौण मंडी यार्ड में समर्थन मूल्य पर गेहूं का खरीद केंद्र शुरू हो जाने व गौण मंडी यार्ड में व्यापार चालू कराने के लिए आवश्यक निर्माण कार्य की वित्तीय स्वीकृति की प्रक्रिया विचाराधीन होने का आश्वासन दिए जाने के बाद किसानों ने मंगलवार को 69 दिनों से चले आ रहे धरने को स्थगित कर दिया। फसल खराबे का मुआवजा व नैनवां की गौण मंडी को चालू कराने की मांग को लेकर किसान महापंचायत के तत्वावधान में तहसील कार्यालय के बाहर एक जनवरी से धरना चल रहा था।
धरने का नेतृत्व कर रहे किसान महापंचायत के जिला महामंत्री कजोड़मल नागर ने बताया कि प्रशासन की ओर से उपखण्ड अधिकारी भागचंद रेगर व देई कृषि उपज मंडी के सचिव फतेहङ्क्षसह मीणा व किसानों के शिष्टमंडल के बीच वार्ता हुई। दोनों अधिकारियों ने वार्ता में शिष्टमंडल को बताया कि गौण मंडी में ङ्क्षजसों की खरीद का व्यापार शुरू कराने के लिए आवश्यक निर्माण कराने के लिए कृषि उपज मंडी की ओर से कृषि विपणन निदेशालय को वित्तीय स्वीकृति जारी कराने के लिए 5 मार्च को ही स्मरण पत्र लिखा जा चुका है। निदेशालय में वित्तिय स्वीकृति की प्रक्रिया विचाराधीन है, जिसकी शीघ्र स्वीकृति जारी होने की उम्मीद है। प्रशासन ने अभी गौण मंडी में किसानों की मांग पर मंगलवार से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद केंद्र शुरू कर दिया है।
किसानों की बाकी अन्य 6 मांगे राज्य सरकार के स्तर पर विचाराधीन है, जिसको देखते हुए फिलहाल धरने को एक माह के लिए स्थगित कर दिया है। गौण मंडी में शुरू करने में सरकार की ओर से विलम्ब किया तो एक माह बाद वापस आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।
मंगलवार को जिला महामंत्री कजोड़मल धाकड़, तहसील अध्यक्ष भरतराज मीणा, पूर्व सरपंच शोजी लाल मीणा, प्रवक्ता दिनेश गुर्जर, जोधराज गुर्जर, नारायण ङ्क्षसह, ओमप्रकाश, राकेश कीर, कमलेश नागर, करण मीणा, रामफुल गुर्जर, लादू चौधरी, रामफूल गुर्जर, रामकरण गुर्जर, कमलेश मीणा, सदाम हुसेन, सतार अली, नसीर मोहम्मद, श्योनारायण धरने पर बैठे थे।