बूंदी

भीषण गर्मी में इंसान ही नहीं मूक मवेशियों की प्यास बुझाती इन झीलों पर लगा ग्रहण, इन्होंने किया खुद की बदहाली पर आंसू बहाने को मजबूर

नैनवां के कनकसागर व नवलसागर तालाबों में पानी की आवक के रास्ते अवरुद्ध पड़े है।
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Apr 17, 2019
bheeshan garmee mein insaan hee nahin mook maveshiyon kee pyaas bujhaa
भीषण गर्मी में इंसान ही नहीं मूक मवेशियों की प्यास बुझाती इन झीलों पर लगा ग्रहण, इन्होंने किया खुद की बदहाली पर आंसू बहाने को मजबूर

नैनवां. नैनवां के कनकसागर व नवलसागर तालाबों में पानी की आवक के रास्ते अवरुद्ध पड़े है। जिसके कारण दोनों तालाब कई वर्षों से खाली रह जाने का दंश झेल रहे हैं। इस वर्ष तो दोनों ही तालाब सर्दी में ही सूख गए। तालाबों में पानी की आवक वाले केचमेंट एरिया में स्थित चारागाह व सिवायचक भूमि आवक बढ़ाने के लिए खुदाई फीडरों पर अतिक्रमियों ने मिट्टी के चेकडेम बनाकर आवक में बाधा खड़ी कर रखी है। दूसरी बाधा एनएच 148 डी के निर्माण के दौरान तालाबों के केचमेंट एरिया में ही मिट्टी व झींकरा की गई से हो गई।
निर्माण कम्पनी ने केचमेंट एरिया में किए खनन से गहरी खाइयां कर दी, जिससे तालाबों में पानी की आवक थम गई। हनुवंतपुरा व बीजलबा रोड पर लगभग तीन से चार किमी वर्ग क्षेत्र में खनन हो रहा है। अवरोधों को नहीं हटाया तो इस वर्ष भी तालाब भर नहीं पाएंगे।तालाबों में पानी के आवक के रास्तों पर स्थित चरागाह व सिवायचक जमीनों पर अतिक्रमण करने वाले लोगों के खिलाफ राजस्व विभाग हर वर्ष कार्रवाई करके कागजों में तो मौके से उनको बेदखल करता आ रहा है, लेकिन मौके से कब्जा हटाने की कार्रवाई नहीं की जाती।
कनकसागर की तीनों फीडर अवरुद्ध
कनकसागर तालाब के ऊपर स्थित चरागाह व सिवाय चक भूमि पर हो रहे अतिक्रमण पानी की आवक में सबसे ज्यादा बाधक बने हुए हैं। अतिक्रर्मियों ने इस सरकारी भूमि पर जगह-जगह पर नालों पर चेक डेम बना रखे हैं, जिससे नालों में आने वाला बरसात के पानी को चकडेम ही रोक लेते हैं। कनकसागर में पानी की आवक बढ़ाने के लिए भावपुरा, पांडुला व सुवानिया फीडर का निर्माण हो रहा है।
नवलसागर तक भी नहीं पहुंचता पानी
नवलसागर तालाब में भी पानी की आवक बढ़ाने के लिए तालाब के तीन गांवों बीजलबा, चेनपुरिया व हनुवंतपुरा के माळ के पानी को तालाब की ओर मोडने के लिए बीजलबा फीडर का निर्माण हो रहा है। फीडर का रास्ता कई जगह अतिक्रमण से अवरुद्ध हो गया है।लोगों ने फीडर को ही तोडक़र तालाब में आने वाले को खेतों में ही रोक लिया जाता है। इसके अलावा तालाब के केचमेंट क्षेत्र के दरड़ो-बरड़ो से आने वाले पानी के रास्तों पर भी बना रखे चक डेम से आवक अवरुद्ध कर रखी है।
राजस्व विभाग का कहना
नैनवां तहसील के आफिस कानूनगो छोटूलाल वर्मा का कहना है कि कस्बे के पटवारी को भेजकर स्थिति की जांच करवा रहे हैं। पटवारी से अतिक्रमण व खनन की रिपोर्ट लेकर कार्रवाई की जाएगी।

Updated on:
17 Apr 2019 01:42 pm
Published on:
17 Apr 2019 01:42 pm