बूंदी

बूंदी में 27.14 प्रतिशत हैं धोक के सदाबहार जंगल

राजस्थान का दक्षिणी पूर्वी भू-भाग सदियों से समृद्ध जैवविविधता व उत्तम पर्यावरणीय परिस्थितियों वाला क्षेत्र रहा है।

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Jun 06, 2025
गुढ़ानाथावतान. कालदां के जंगल में एक पहाड़ी नाले का मनोरम दृश्य।

गुढ़ानाथावतान. राजस्थान का दक्षिणी पूर्वी भू-भाग सदियों से समृद्ध जैवविविधता व उत्तम पर्यावरणीय परिस्थितियों वाला क्षेत्र रहा है। इस हरियाली पहाड़ियों व नदी घाटियों से समृद्ध हाड़ौती क्षेत्र में छोटीकाशी के रूप में पहचान बनाने वाले बूंदी शहर व जिले का प्राकृतिक समृद्ध पर्यावरण यहां रहने वाले लोगों व पर्यटकों के लिए हमेशा सुखद अनुभव कराता है। बूंदी जिले का 27.14 प्रतिशत भू-भाग वन क्षेत्र के अंतर्गत व राजस्थान में भी अच्छी स्थिति में आता है। जैव विविधता के संतुलन के लिए 33 प्रतिशत वन क्षेत्र होना आदर्श माना जाता है और बूंदी में अभी 27.14 प्रतिशत भूमि वन क्षेत्र है और 26.69 भाग बंजर जमीन है।

बूंदी में बंजर भूमि को वन क्षेत्र में बदलकर 33 प्रतिशत की आदर्श स्थिति से बेहतर पर्यावरणीय परिस्थितियां हासिल की जा सकती है। यहां रामगढ़ विषधारी नाम से राज्य का चौथा व देश का 52 वां टाइगर रिजर्व बनने से अब यह जिला फिर से अपने प्राकृतिक गौरवशाली अतीत को प्राप्त करने की ओर अग्रसर होने लगा है। यहां की सदाबहार झीलें, अरावली व विंध्याचल पर्वत की खूबसूरत व जैव विविधता से भरपूर प्राकृतिक वादियां देशी-विदेशी पर्यटकों व यहां से गुजरने वाले राहगीरों को आकर्षित करती है।

आने वाले समय में यहां बाघों की संख्या बढ़ने से इको टूरिज्म के क्षेत्र में बढ़ोतरी होगी। जिससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्रदान होने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा।बूंदी जिले के जंगलों में सदियों से बारहमासी जलस्रोतों की प्राकृतिक देन रही है। यहां भीषण गर्मी में भी दर्जनों पहाड़ी नालों में कल-कल झरने बहते रहते हैं।

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