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Bundi: तीन साल का इंतजार होगा खत्म, अगले सप्ताह खुलेगा मेज नदी हाई लेवल ब्रिज, जाम से मिलेगी राहत

Mej River High Level Bridge: पापड़ी गांव के पास मेज नदी पर बने हाई लेवल ब्रिज के खुलने का रास्ता साफ हो गया है। एप्रोच सड़क का डामरीकरण कार्य शुरू होने के साथ ही अगले सप्ताह पुल पर आवागमन शुरू होने की संभावना है।

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Mej River High Level Bridge

एआई तस्वीर

बूंदी। पापड़ी गांव के पास मेज नदी पर बने हाई लेवल ब्रिज के खुलने का इंतजार अब खत्म होने वाला है। करीब एक साल से अधूरी पड़ी एप्रोच सड़क पर डामरीकरण कार्य शुरू हो गया है, जो अगले एक सप्ताह में पूरा होने की संभावना है। इसके बाद पुल को आमजन के आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा। हाई लेवल ब्रिज शुरू होने से कोटा-लालसोट-दौसा मेगा हाइवे पर छोटी पुलिया पर लगने वाले लंबे जाम से राहत मिलेगी। साथ ही बरसात के दौरान कई साल से बनी आवागमन की समस्या भी समाप्त हो जाएगी।

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बारिश में कट जाता है गांवों का संपर्क

मेज नदी में पानी की आवक बढ़ने पर छोटी पुलिया डूब जाती थी, जिससे लाखेरी शहर का आसपास के कई गांवों से संपर्क टूट जाता था। लोगों को कई किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाकर गंतव्य तक पहुंचना पड़ता था। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे शुरू होने के बाद इस मार्ग पर वाहनों का दबाव भी काफी बढ़ गया है। इससे छोटी पुलिया पर रोजाना जाम की स्थिति बनने लगी थी।

आज भी याद है वो मंजर

फरवरी 2025 में भीषण बस हादसा का वो मंजर आज भी लोगों के जेहन में है। उस दिन बिना रेलिंग की संकरी पुलिया पर पहुंचते ही 29 लोगों से भरी मिनी बस का गियर अटक गया था और बस अनियंत्रित होकर करीब 25 फिट नीचे मेज नदी में समा गई थी। इसमें 11 महिलाएं व 3 बच्चों की मौत हो गई थी। एक और घटना सितंबर 2025 में एक कार सवार व्यक्ति मेज नदी की पुलिया से कार सहित नदी में कूद गया, जिसकी पानी में डूबने से मौत हो गई थी।

भूमि अधिग्रहण में देरी बनी वजह

बस हादसे के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मेज नदी पर हाई लेवल ब्रिज निर्माण की घोषणा की थी। वर्ष 2023 में पुल बनकर तैयार हो गया, लेकिन एप्रोच सड़क के लिए भूमि अधिग्रहण में देरी होने से परियोजना अधर में लटक गई। जनवरी 2025 में भूमि संबंधी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सड़क निर्माण का काम आगे बढ़ा और अब अंतिम चरण में डामरीकरण किया जा रहा है। फरवरी मार्च माह में ईरान इराक युद्ध के चलते डामर की अचानक कीमत बढ़ने की सड़क का डामरीकरण का कार्य रूक गया था।

इनका कहना है

बरसात आते ही हम लोगों की परेशानी बढ़ जाती थी। कई बार बच्चों को स्कूल और मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में दिक्कत होती थी। अब पुल शुरू होने से बड़ी राहत मिलेगी।

  • जगदीश वाल्मीकि, निवासी पापड़ी

छोटी पुलिया पर रोजाना जाम लगता है। भारी वाहनों की वजह से कई बार घंटों इंतजार करना पड़ता है। हाई लेवल ब्रिज शुरू होने से समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।

  • जमना शंकर मीणा, वाहन चालक

एप्रोच सड़क पर डामरीकरण का कार्य शुरू कर दिया गया है। मौसम अनुकूल रहा तो एक सप्ताह में काम पूरा कर पुल को यातायात के लिए शुरू कर दिया जाएगा

  • हिमांशु दाधिच , सहायक अभियंता,सार्वजनिक निर्माण विभाग, लाखेरी