क्षेत्र के गुहाटा गांव में सोमवार को राम जलसेतु लिंक परियोजना के तहत संचालित इंजीनियरिंग प्लांट में अचानक लगी भीषण आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया। तेज लपटें और आसमान छूता काला धुआं दूर-दूर तक दिखाई देने लगा, जिससे गांव में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।
बड़ाखेड़ा. लबान. क्षेत्र के गुहाटा गांव में सोमवार को राम जलसेतु लिंक परियोजना के तहत संचालित इंजीनियरिंग प्लांट में अचानक लगी भीषण आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया। तेज लपटें और आसमान छूता काला धुआं दूर-दूर तक दिखाई देने लगा, जिससे गांव में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। प्लांट का एक केबिन देखते ही देखते आग की चपेट में आ गया और पूरी तरह जलकर राख हो गया। आसपास मौजूद कर्मचारियों और ग्रामीणों में भय छा गया और लोग इधर-उधर भागते नजर आए। राहत की बात रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
समय रहते कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि प्लांट को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया। स्थानीय प्रशासन और नगरपालिका की दमकल टीम तुरंत मौके पर पहुंची। आग इतनी तेज थी कि उसे काबू में करने के लिए दमकल कर्मियों लगातार प्रयास करते रहे। बाद में काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। आग बुझने पर दमकल कर्मियों ने राहत की सांस ली।
पानी की तेज बौछारों और लगातार प्रयासों के बाद आखिरकार आग पर नियंत्रण पाया जा सका।इस पूरे अभियान में फायरमैन मृणाल शर्मा, मनीष सैनी और वाहन चालक सुरेन्द्र ने साहस का परिचय दिया। उन्होंने जोखिम उठाकर हालात पर काबू पाया औरबड़े हादसे को टाल दिया।
शॉर्ट सर्किट की आशंका
आग लगने के कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खामी की आशंका जताई जा रही है, लेकिन प्रशासन ने विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। विशेषज्ञों की टीम मौके का निरीक्षण कर रही है और हर पहलू की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।