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प्रदेश के 300 जर्जर स्कूलों को मिले 409 करोड़, फिर भी हजारों बच्चों की जान सांसत में

झालावाड़ जिले के मनोहरथाना के सरकारी स्कूल में हुए हादसे के बाद राज्य सरकार ने जर्जर स्कूलों की रिपोर्ट मंगवाई थी। राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने इस रिपोर्ट के आधार पर राज्य के 300 जर्जर स्कूल भवनों को हटाकर नए निर्माण के लिए 409 करोड़ 49 लाख 25 हजार रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की है। स्वी

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sarkari vidyalaya ke jarjar bhavan 29 The Dilapidated Buildings of Government Schools

बूंदी. जर्जर भवन गिराते हुए जेसीबी। (पत्रिका फाइल फोटो)

बूंदी. झालावाड़ जिले के मनोहरथाना के सरकारी स्कूल में हुए हादसे के बाद राज्य सरकार ने जर्जर स्कूलों की रिपोर्ट मंगवाई थी। राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने इस रिपोर्ट के आधार पर राज्य के 300 जर्जर स्कूल भवनों को हटाकर नए निर्माण के लिए 409 करोड़ 49 लाख 25 हजार रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की है। स्वीकृत 300 स्कूलों में 185 प्राथमिक, 70 उच्च प्राथमिक और 45 सीनियर सेकण्डरी विद्यालय शामिल हैं। हालांकि, सवाल यह है कि राज्य में जर्जर स्कूलों की संख्या अधिक थी और दो बार सर्वे भी कराया गया था, फिर भी सिर्फ 300 स्कूलों के लिए ही स्वीकृति जारी की गई।

इसका यही मतलब है कि शेष स्कूलों में हजारों छात्र अब भी जोखिम भरे भवनों में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। बूंदी जिले के लिए यह राहत अपर्याप्त है, क्योंकि यहां 35 से अधिक स्कूलों के जर्जर होने की रिपोर्ट विभाग ने भेजी थी, लेकिन इस सूची में जिले के सिर्फ आठ स्कूलों को ही फंड मिला है। विभागीय अधिकारी इसे पर्याप्त बजट नहीं मानते हुए कहते हैं कि हादसे को लगभग एक वर्ष होने को है, फिर भी नाममात्र स्कूलों को ही फंड मिला है। मानसून का दौर शुरू होने वाला है और शेष भवनों में अब भी खतरा बरकरार है।


इन आठ स्कूलों की बदलेगी सूरत

जिले के आठ जर्जर विद्यालयों की सूरत बदलने वाली है। शिक्षा विभाग ने इन विद्यालयों के जीर्णोद्धार के लिए 17 करोड़ 23 लाख 81 हजार रुपए की राशि स्वीकृत की है। इनमें के.पाटन ब्लॉक की राजकीय प्राथमिक विद्यालय गुडला और तालेड़ा ब्लॉक की राजकीय प्राथमिक विद्यालय बेवडिय़ा के लिए 73.93-73.93 लाख रुपए का फंड जारी किया गया है।

इसी तरह, के.पाटन ब्लॉक की राजकीय उच्च प्राथमिक हिम्मतपुरा विद्यालय, बूंदी ब्लॉक के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय छापरादा और तालेड़ा ब्लॉक के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय गोङ्क्षवद पुर बाउडी को 1 करोड़ 96 हजार रुपए स्वीकृत किए गए हैं। नैनवां ब्लॉक की बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय नैनवां, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय गंभीरा और राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय देई के लिए 4 करोड़ 49 लाख रुपए की राशि का अनुमोदन किया गया है। इस फंड से इन विद्यालयों में आवश्यक सुधार कार्य किए जाएंगे, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

जिलेवार स्कूलों की सूची
अजमेर में 2, अलवर में 15, बांसवाड़ा 15, जोधपुर 16, बाड़मेर 16, अलवर 15, बांसवाड़ा 15, बारां 15, झालावाड़ 15, धौलपुर 11,सवाई माधोपुर 11, बीकानेर 10, जयपुर 10, भरतपुर 9 दौसा 9, गंगानगर 9, कोटा 9, सीकर 9, सिरोही 9, बूंदी 8, राजसमंद 7, भीलवाड़ा 6, चूरू 6, डूंगरपुर 6, टोंक 6, जालौर 4, प्रतापगढ़ 4, हनुमानगढ़ 3, जैसलमेर 3, अजमेर 2, झुंझुनूं 2, नागौर 2 पाली 2, डीग 1 व करौली 1 शामिल है।

बूंदी जिले में 35 से अधिक जर्जर भवनों की रिपोर्ट मुख्यालय सर्वे कराके भेजी गई थी। इसमें से आठ स्कूलों के नए भवनों के लिए फंड जारी हुआ है। शेष भवनों के लिए भी जल्द राशि स्वीकृत होगी।
दलीप सिंह,एडीपीसी,समग्र शिक्षा,बूंदी