उपखंड में एक सप्ताह तक हुई झमाझम बारिश के बाद अब खेतों का पानी निकल रहा है। रविवार को कई खेतों में पानी में डूबी फसलें नजर आने लग गई।
केशवरायपाटन. उपखंड में एक सप्ताह तक हुई झमाझम बारिश के बाद अब खेतों का पानी निकल रहा है। रविवार को कई खेतों में पानी में डूबी फसलें नजर आने लग गई। फसलों को देखकर किसानों के होश उड़ गए। गली सड़ी फसलों को देखकर किसानों की आंखें भर आई। कस्बे के किसान भंवरलाल ने बताया कि बारिश ने सोयाबीन, मक्का को नष्ट कर दिया। अब सरकारी मदद का ही सहारा है। पादड़ा के किसान जितेन्द्र सिंह ने बताया कि सबसे ज्यादा बारिश की मार किसानों पर पड़ी है। लेसरदा के किसान विष्णु शर्मा, जमनाशंकर शर्मा का कहना है कि सरकार को अतिवृष्टि मान कर सभी किसानों की मदद करनी चाहिए।
आकोदा. बरसात ने अन्य फसलों के साथ ही ठिकरदा, धनावा, बड़ौदिया, रामचंद्रजी का खेड़ा में सब्जियों की फसल भी खराब कर दी है। पानी से गोभी, मिर्ची, पत्ता गोभी, भिण्डी, कद्दू, बैंगन आदि प्रभावित हुई है। किसान नन्दकिशोर सैनी ने बताया कि फसल पानी से गल जाने पर किसानों को कर्ज चुकाने की चिंता सता रही है। किसान रामेश्वर सैनी, बच्चु सैनी, रामनाथ सैनी, केसरी लाल सैनी ने मुआवजा देने की मांग की।