Bundi income tax notice : बूंदी जिले के झालीजी का बराना निवासी मटकी बेचने वाले युवक को आयकर विभाग ने एक माह में नौ करोड़ रुपए टैक्स जमा करवाने का नोटिस जारी किया है।
बूंदी जिले के झालीजी का बराना निवासी मटकी बेचने वाले युवक को आयकर विभाग ने एक माह में नौ करोड़ रुपए टैक्स जमा करवाने का नोटिस जारी किया है। नोटिस प्राप्त होने के बाद से युवक विष्णु कुमार एवं उसके परिवार की नींद उड़ी हुई है। कई कार्यालयों के चक्कर लगाने के बाद भी उसे कोई राहत नहीं मिल पा रही है। पीड़ित युवक विष्णु कुमार प्रजापत ने बताया कि आयकर विभाग ने 18 मार्च को जारी हुए डिमांड नोटिस में एक माह में आठ करोड़ 98 लाख 79 हजार 260 रुपए जमा करवाने को कहा गया है।
विष्णु ने बताया उन्हें 11 मार्च 2025 को आयकर विभाग, बूंदी का नोटिस प्राप्त हुआ था, जिसमें बताया सुरेन्द्र सिंह बाबेल नामक व्यक्ति से 10 करोड़ 61 लाख 83 हजार रुपए का विक्रय लेनदेन वितीय वर्ष 2020-21 में किया जाना बताया गया है। जबकि वह इस नाम के व्यक्ति को नहीं जानता एवं ना ही ऐसे किसी व्यक्ति से कभी मिला है। विष्णु द्वारा जब आयकर विभाग, जीएसटी विभाग की वेबसाइट पर उक्त तथ्य को जांचा गया तो पता लगा कि 19 मार्च 2020 को गिरगांव मुंबई (महाराष्ट्र) में भूमिका ट्रेडिंग के नाम से एकल स्वामित्या फर्म का जीएसटी रजिस्ट्रेशन करवा लिया गया था।
उक्त फर्म के रजिस्ट्रेशन में प्रार्थी के आधार पैन व अन्य दस्तावेजों का उपयोग कर किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा यह लेनदेन किया गया है, जिससे उसका कोई लेना देना नहीं है। उक्त फर्म द्वारा एक अन्य कंपनी के साथ राशि 2 करोड़ 83 लाख 22 हजार 195 रुपए का वितीय लेनदेन किया गया है, जिससे भी उसका कोई लेना देना नहीं है। इस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के 2 डायरेक्टर हैं, जिनका नाम भी ऑनलाइन दिखाई दे रहा है।
19 मार्च 2020 से लेकर एक फरवरी 2021 की समयावधि के मध्य उक्त लेनदेन होना पाया, जिसकी विष्णु को कोई जानकारी नहीं थी। उक्त लेनदेन पर आयकर विभाग द्वारा भी प्रार्थी को नोटिस का जवाब देने के लिए 31.03.2025 तक का समय दिया गया था, जिसमें विष्णु ने प्रथम बार आयकर फाइल दाखिल करते हुए अपनी आय 95 हजार रुपए दिखाई है।
गेण्डोली थाने में पीडि़त विष्णु ने 16 अप्रेल 2025 को उसके पैन कार्ड नम्बर से व्यापार होने एवं उसके नाम नोटिस जारी होने को लेकर प्राथमिकी दर्ज करवाई थी, जिस पर पुलिस ने बिना जांच पड़ताल किए एवं पीडि़त को बिना बताए ही एफआर लगा दी। पीडि़त ने बुधवार को पुलिस अधीक्षक को मामले से अवगत कराया, जिस पर उन्होंने पुलिस उपाधीक्षक स्तर से मामले की जांच करवाने का आश्वासन दिया है।
पीड़ित ने पूर्व में प्राथमिकी दी थी। उसके बारे में पता किया गया है। अब जांच पुलिस उपाधीक्षक स्तर से करवाई जाएगी।
अवनीश शर्मा, पुलिस अधीक्षक, बूंदी