उदयपुर रोटरी मुक्तिधाम के बाद बूंदी के रोटरी मुक्तिधाम को भी आईएसओ 9001:2015 का दर्जा मिल गया है।
बूंदी. उदयपुर रोटरी मुक्तिधाम के बाद बूंदी के रोटरी मुक्तिधाम को भी आईएसओ 9001:2015 का दर्जा मिल गया है। यह प्रदेश में दूसरा ऐसा मुक्तिधाम होगा,जिसको आईएसओ की ओर से मुक्तिधाम को उनके नियमों के तहत कार्य करने पर प्रमाण पत्र मिलेगा। रोटरी मुक्तिधाम में रविवार को रोटरी गवर्नर प्रज्ञा मेहता रोटरी मुक्तिधाम समिति के अध्यक्ष ऋतुराज दाधीच को टीम के साथ आईएसओ का प्रमाण पत्र सौंपेगी। पूर्व अध्यक्ष के.सी.वर्मा ने बताया कि इसकी व्यू रचना ऐसे पूरी हुई कि वे निजी कार्य से अंकलेश्वर गुजरात गए हुए थे तो वहां पता चला कि यहां का मुक्तिधाम आईएसओ का दर्जा
मिला हुआ।
वैसा ही दर्जा रोटरी मुक्तिधाम को दिलाने की भी मन में ठानी। रोटरी मुक्तिधाम के अध्यक्ष को फोन पर बात की ओर मिलने का समय मांगा। वहां की टीम ने मुक्तिधाम को कैसे आईएसओ का दर्जा मिले उसके हर कार्य से अवगत कराया। वर्ष 2023 में इसकी प्रक्रिया बूंदी रोटरी के पदाधिकारियों ने शुरू की। खुशी यह है कि आखिर कार सभी की मेहनत रंग लाई ओर करीब चार साल पूरे प्रयास के बाद अब बूंदी रोटरी मुक्तिधाम को आईएसओं का दर्जा मिल गया है। इसमें ध्रुव व्यास, घनश्याम जोशी, मोजी नुवाल एवं महेश बहेडिया का सहयोग रहा। यहां मुक्तिधाम में अंत्येष्टि के लिए पर्याप्त लकड़ी की व्यवस्था तथा प्रॉपर टीन शेड लगे हुए है।
गुजरात से मिली प्रेरणा
गुजरात का मुक्तिधाम देखने के बाद ऐसा ही कार्य करने की मन में इच्छा जागृत हुई। वहां के मुक्तिधाम में अंत्येष्टि करने की बिजली, गैस तथा लकड़ी तीनों से करने की सुविधा थी। बैठने के लिए एक हाल, प्रार्थना के लिए हॉल और आगंतुकों को सूचना देने के लिए बना था। नहाने के लिए गर्म पानी, ठंडे पानी की सुविधा, शव को नहलाने के शावर भी लगे थे। साफ-सफाई बेहतर थी। उसी से मन में विचार आया कि बूंदी रोटरी मुक्तिधाम को भी आईएसओ का दर्जा दिला सकते है।
प्रमाणित कार्य किए
रोटरी क्लब अध्यक्ष ऋतुराज दाधीच ने बताया कि आईएसओ का दर्जा लेने के लिए उसके प्रमाणित पूरे कार्य किए। इसमें नहाने के लिए गर्म पानी, ठंडा पानी, आरओ लगा हुआ जलमंदिर, बैठने के लिए बैंच तथा छायादार पेड़ लगाना तथा छाया में बैठने के लिए टीन शेड लगाना। वहीं क्लब द्वारा दानदाताओं से सहयोग से बड़ी-बड़ी 3 ग्रेनाइट की बैंच बनाई तथा बैठने के लिए करीब दोनों कार्य के लिए 4 लाख के शेड बनवाए।
कमियां दूर की
दिसम्बर 2023 में मुक्तिधाम को आईएसओ बनाने का कार्य प्रोजेक्ट डारेक्टर चंद्रप्रकाश सेठी को इसकी जिम्मेदारी सौंपी। प्रोजेक्ट को सुन उन्होंने इसको पूरा करने की ठानी। इसके बाद टीम ने मुक्तिधाम की कमियां थी, उससे पूरा करने में जुट गए। बाद में जयपुर से आई टीम ने एक-दो कार्य करने को कहा, जिसमें गर्म पानी से नहाने की सुविधा को बढ़ाया। मुक्तिधाम समिति ने कार्य प्रमाणिकता के आधार पर पूरे किए और उसी प्रमाणिता के आधार पर रोटरी मुक्तिधाम समिति को आईएसओ प्रमाण पत्र जारी हुआ।