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Bundi : 5 किमी सड़क को तरसे ग्रामीण, 20 किमी का लगा रहे चक्कर

पीपल्दा थाग और सामरा गांव के ग्रामीण आज भी बुनियादी सुविधा पक्की सडक़ का इंतजार कर रहे हैं। पंचायत मुख्यालय तक जाने के लिए नहर किनारे बना कच्चा मार्ग ही उनका एकमात्र सहारा है। गर्मियों में धूल और बरसात में कीचड़ से भरा यह रास्ता ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रहा है।

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5 किमी सडक़ को तरसे ग्रामीण, 20 किमी का लगा रहे चक्कर

बड़ाखेडा . पीपल्दाथाग गांव से माखीदा तक कच्चा रास्ता।

बड़ाखेड़ा. पीपल्दा थाग और सामरा गांव के ग्रामीण आज भी बुनियादी सुविधा पक्की सड़क का इंतजार कर रहे हैं। पंचायत मुख्यालय तक जाने के लिए नहर किनारे बना कच्चा मार्ग ही उनका एकमात्र सहारा है। गर्मियों में धूल और बरसात में कीचड़ से भरा यह रास्ता ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रहा है। स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब बारिश के दिनों में बाढ़ जैसे हालात बनते हैं। उस समय नहर किनारे का यही मार्ग ग्रामीणों के लिए सुरक्षित आवागमन का एकमात्र रास्ता रह जाता है। इसके बावजूद मार्ग कच्चा होने से खतरा बना रहता है।


सीधे रास्ते के अभाव में ग्रामीणों को पंचायत मुख्यालय पहुंचने के लिए बड़ाखेड़ा से लबान होते हुए करीब 20 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ता है, जबकि पीपल्दा थाग से माखीदा तक की दूरी मात्र 5 किलोमीटर है। यदि इस मार्ग को पक्का कर दिया जाए तो ग्रामीणों को राहत मिल सकती है और किसानों को भी खेतों तक पहुंचने में सुविधा होगी।
ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया है। युवा मोर्चा अध्यक्ष हेमन्त पालीवाल, ग्राम पंचायत प्रशासक रमेश चंद पालीवाल, ग्रामीण श्याम मीणा, हरिओम, महावीर मीणा, राजेन्द्र मीणा सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि वर्षों से कच्चे रास्ते से आवागमन उनकी मजबूरी है। बरसात के समय मरीजों, बुजुर्गों और विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। आपात स्थिति में समय पर पंचायत मुख्यालय या अस्पताल पहुंचना भी कठिन हो जाता है।ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल सडक़ नहीं, बल्कि विकास की वह कड़ी है जो गांवों को मुख्यधारा से जोड़ेगी। अब देखना यह है कि वर्षों से लंबित यह मांग कब पूरी होती है।

ग्रामीणों की मांग
पीपल्दा थाग से माखीदा तक 5 किलोमीटर मार्ग को शीघ्र पक्का किया जाए। नहर किनारे के कच्चे रास्ते का डामरीकरण कर सुरक्षित व स्थायी सडक़ बनाई जाए। बाढ़ और बरसात के समय निर्बाध व सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पंचायत मुख्यालय तक सीधी पहुंच देकर 20 किलोमीटर की मजबूरी से मुक्ति दिलाई जाए। किसानों और विद्यार्थियों के लिए सुगम, सुरक्षित और सर्वकालिक सडक़ सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

पीपल्दा थाग से माखीदा तक पक्की सडक़ निर्माण की मांग को लेकर जनप्रतिनिधियों को अवगत करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि मात्र 5 किलोमीटर सडक़ निर्माण से सैकड़ों ग्रामीणों को राहत मिलेगी और पंचायत मुख्यालय तक सीधी पहुंच संभव होगी। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र स्वीकृति जारी कर कार्य प्रारंभ कराने की मांग है।
पवन मीणा,अध्यक्ष,भाजपा लाखेरी ग्रामीण मंडल