उपखंड़ के भीया में लोकोत्सव हडूडा दंगल देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। गांव के बीच स्थित काटिया के हनुमान मंदिर क्षेत्र पर शाम चार बजे बाद से ग्रामीण एकत्र होने लग गए, जहां पर पांच बजे पंडित नरोत्तम शर्मा ने पूजा अर्चना करवाई।
केशवरायपाटन. उपखंड़ के भीया में लोकोत्सव हडूडा दंगल देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। गांव के बीच स्थित काटिया के हनुमान मंदिर क्षेत्र पर शाम चार बजे बाद से ग्रामीण एकत्र होने लग गए, जहां पर पांच बजे पंडित नरोत्तम शर्मा ने पूजा अर्चना करवाई। यहां से हनुमान पूजा अर्चना करने के बाद ढोल बजाकर लोक पर्व का आगाज किया गया। ढोल की जोशीली आवाज के साथ जोश पैदा करने वाली हडूडा की ताने ( दोहे) बोलने शुरू किया तो हडूडा की जोडिय़ों ने अपना अपना मोर्चा संभाला शुरू कर दिया।
हनुमान मंदिर से हडूडा की जोड़ी के साथ जुलूस शुरू हुआ तो महिला, पुरुष, बच्चे, बुजुर्ग जुलूस की पीछे चल पड़े। ड्.. ड्….डूई के की आवाज से गलियां गुंजायमान हो गई। यह जुलूस मालियों के मोहल्ले में पहुंचा तो वहां खड़ी जोडिय़ों ने जुलूस में शामिल जोडिय़ां का रास्ता रोक लिया। यह जुलूस उम्दा प्रदर्शन के साथ हडक्या के बालाजी मंदिर, सुखरायजी के मंदिर मोहल्ले से होती हुई सहकारी गोदाम हडूडा स्थल पहुंच कर दंगल में बदल गई। धीगा मस्ती के इस लोक पर्व में युवा, बुजुर्ग, बच्चों ने उत्साह से भाग लिया। कुश्ती के बाद सभी जोडिय़ां बाकडा के बालाजी के दर्शन कर पुरस्कार स्वरूप कापडा लेकर जाते हैं। इसी प्रकार मीणा समाज के लोगों ने तालाब की पाळ पर हडूडा मनाया।
चोटिल होने के बाद भी नहीं रुकते
हडूडा में जब जोडिय़ों में जोश भरता है तो वह अपनी सुध-बुध खो बैठते हैं। गिरते पड़ते जोडिय़ों को रोकने के लिए शक्ति लगा देते हैं। गिरने व चोटिल होने का भी असर नहीं होता है। यहां हडूडा की कुश्ती में यही नजारा देखने को मिला। स्थल पर बुजुर्ग ओंकारलाल शर्मा,दिनेश शर्मा, देशराज, हरिप्रसाद, राम-लक्ष्मण, शंभूलाल, सुरेन्द्र,गंगाधर, भगवती सहित एक दर्जन से अधिक जोडिय़ों में दावपेंच दिखाते हुए कुश्ती के दंगल में प्रदर्शन किया। अब युवा पीढ़ी भी इसमें सक्रियता दिखा रही है।