राज्य में मुख्यमंत्री निशुल्क साइकिल वितरण योजना (2025-26) के तहत सरकारी स्कूलों में कक्षा 9 वीं में पढऩे वाली छात्राओं को स्कूल आने-जाने के लिए निशुल्क साइकिलें दी गई। यह पहल शिक्षा की राह आसान बनाने, बालिकाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने और दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं को परिवहन सुविधा प्रदान करने के लिए की गई है।
गोठड़ा. राज्य में मुख्यमंत्री निशुल्क साइकिल वितरण योजना (2025-26) के तहत सरकारी स्कूलों में कक्षा 9 वीं में पढऩे वाली छात्राओं को स्कूल आने-जाने के लिए निशुल्क साइकिलें दी गई। यह पहल शिक्षा की राह आसान बनाने, बालिकाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने और दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं को परिवहन सुविधा प्रदान करने के लिए की गई है। वहीं जिले में इस योजना के माध्यम से 6576 बालिकाओं को साइकिल वितरण की गई है जबकि 595 लाड़लियों अभी भी साइकिल मिलना शेष है। सत्र बीत गया है।
ऐसे में बालिकाओं को निशुल्क साइकिलें मिलने का सपना साकार नहीं हो रहा है, जिसके कारण कई बालिकाओं को दूर दराज 3 से 5 किलोमीटर बालिकाओं को पैदल ही स्कूल आना जाना पड़ रहा है, जिससे बालिकाएं और परिजनों को परेशान होना पड़ रहा है। जिले की बालिकाओं को स्कूल खुलने के 9 माह बाद भी सभी बालिकाओं को निशुल्क साइकिल नहीं मिलने से परेशान अभिभावक आए दिन स्कूल के चक्कर लगा रहे हैं।
जानकारी अनुसार मुख्यमंत्री निशुल्क साइकिल वितरण योजना के लिए सत्र शुरू होने के साथ ही विभाग ने कवायद शुरू कर दी थी, लेकिन सरकारी सिस्टम में लेट लतीफी इतनी हावी है कि जिले की सैकड़ों बालिकाओं को शैक्षणिक सत्र के अंत में निशुल्क साइकिलें नहीं मिली है।
ऐसे हुई देरी
सूत्रों के मुताबिक पूर्व में मुख्यमंत्री निशुल्क साइकिल वितरण योजना के तहत जुलाई अगस्त में बालिकाओं के नामांकन आंकड़े पहुंचाने में देरी हुई। बाद में राज्य स्तर पर साइकिल बनाने वाली फर्मों को टेण्डर जारी करने में देरी हुई। उसके बाद संबंधित फर्मों ने जिलों में साइकिलें पहुंचाने में देरी कर दी। जिसके चलते सत्र बीतता गया।
इन्हें मिली
जिले की सरकारी स्कूलों की नौवीं कक्षा में अध्ययनरत 6576 बालिकाओं को साइकिल मिली है। 595 बालिकाओं को देना बकाया है। अतिरिक्त साइकिलों की मांग विभाग द्वारा की गई थी,जो अभी तक प्राप्त नहीं हुई है।