आंगनबाड़ी केंद्रों में पढऩे वाले बच्चों को अब गर्मी में पीने के पानी के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। समेकित बाल विकास सेवाएं निदेशालय जयपुर ने आंगनबाड़ी केंंद्रो में पेयजल सुविधा विकसित करने के लिए आदेश जारी कर बूंदी समेत प्रदेश के 41 जिलों के 9 हजार 519 आंगनबाड़ी केंद्रों में पानी की टंकिया स्थापित करने के निर्देश जारी किया है।
बूंदी. आंगनबाड़ी केंद्रों में पढऩे वाले बच्चों को अब गर्मी में पीने के पानी के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। समेकित बाल विकास सेवाएं निदेशालय जयपुर ने आंगनबाड़ी केंंद्रो में पेयजल सुविधा विकसित करने के लिए आदेश जारी कर बूंदी समेत प्रदेश के 41 जिलों के 9 हजार 519 आंगनबाड़ी केंद्रों में पानी की टंकिया स्थापित करने के निर्देश जारी किया है। इसके लिए विभाग ने 16 करोड़ 18 लाख 23 हजार रुपए की स्वीकृति जारी की है। इस योजना के तहत प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र को लगभग 17 हजार रुपए का बजट आवंटित किया गया है। इसमें विभाग को छत पर पानी की टंकी स्थापित कर उससे शौचालय, वॉशबेसिन, आरओ एवं रसोईघर से जोडक़र नल स्थापित कराना होगा।
बकायदा प्रत्येक जिले में कार्यों की निगरानी के लिए समिति गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। बाद में भौतिक सत्यापन कर उपयोगिता प्रमाण पत्र महिला एवं बाल विकास विभाग को प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। आदेश में स्पष्ट है कि उपयोगिता प्रमाण पत्र के बिना किसी भी स्थिति में अगली विभागीय प्रक्रिया स्वीकृत नहीं की जाएगी। इन केंद्रों में 300 और 500 लीटर क्षमता की सिथेंटिक पानी की टंकियों के साथ नल कनेक्शन और फिङ्क्षटग की व्यवस्था की जाएगी। यह राशि केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त भागीदारी से उपलब्ध कराई जाएगी।
जिले में 225 केंद्रों में लगेगी टंकियां
योजना के तहत जिले के 225 आंगनबाड़ी केंद्रों का चयन योजना के तहत किया गया है। इसके लिए कुल बजट 47 लाख 60 हजार रुपए निर्धारित किया गया है। अधिकारियों के अनुसार टंकी लगाए जाने की प्रक्रिया जल्द ही शुरू करा दी जाएगी। हालांकि मुख्यालय की गाइडलाइन के अनुसार पेयजल सुविधा विकसित करने का कार्य 31 मई 2026 तक पूर्ण कराना होगा।
प्रत्येक कार्य का होगा भौतिक सत्यापन
इस योजना में केंद्र सरकार और राज्य सरकार का 60:40 का हिस्सा है, जिसमें कुल 970.94 लाख रुपए
केंद्र सरकार की ओर से 64.29 लाख रुपए राज्य व्यय करेगा। कार्य की निगरानी के लिए जिला स्तर पर समितियां गठित की जाएंगी और प्रत्येक कार्य का भौतिक सत्यापन किया जाएगा।
करेंगे जांच, फिर होगा भुगतान
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि योजना की राशि का भुगतान केंद्र सरकार की ओर से पीएफएमएस प्रणाली के माध्यम से सीधे राज्य सरकार के खाते में किया जाएगा। डीबीटी प्रणाली के तहत भुगतान सुनिश्चित कर विभागीय पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए गए है। कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी अभियंता समेत तीन सदस्यीय कमेटी का गठन करेंगे, जो भौतिक सत्यापन के बाद भुगतान किया जाएगा। निर्देशों के अनुसार इस कार्य के लिए अलग-अलग लेखे रखे जाएंगे, जिसकी राज्य सरकार द्वारा मनोनीत अधिकारी जांच करेंगे।
बच्चों को मिलेगी राहत
आंगनबाड़ी केंद्रों में पानी की टंकियां स्थापित करने के साथ ही इसके कनेक्शन को शौचालय ओर रसोई घर में बाहर चारदीवारी से अंदर फीङ्क्षटग के लिए यह राशि स्वीकृत हुई। जिले में 225 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए 47.60 लाख रुपए का बजट स्वीकृत किया गया है। गाइडलाइन के अनुसार जल्द इसकी प्रक्रिया शुरू होगी।
रिचा चतुर्वेदी, उप निदेशक, महिला बाल विकास, बूंदी