वाराणसी

करंट से श्रमिक की मौत पर भड़के ग्रामीण

बूंदी की नैनवां तहसील के लक्ष्मीपुरा गांव करंट लगने से श्रमिक की मौत हो जाने पर ग्रामीणों ने शव नैनवां थाने के बाहर रख कर जाम लगाया एवं 5 लाख रूपये के मुआवजे की मांग की।
2 min read
 Death due to current
Death due to current

बूंदी की नैनवां तहसील के लक्ष्मीपुरा गांव में गुरुवार दोपहर खम्भे पर चढ़कर 11 केवी विद्युत लाइन की मरम्मत करते समय करंट लगने से श्रमिक शंकरलाल माली की मौत हो गई।

इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने विद्युत निगम से आर्थिक सहायता दिलाने की मांग को लेकर नैनवां थाने के बाहर ट्रैक्टर-ट्रॉली में शव रख जाम लगा दिया। विद्युत निगम अधिकारियों के पांच लाख रुपए के मुआवजे के आश्वासन के बाद ही ग्रामीणों ने जाम हटाया।


लक्ष्मीपुरा लाइन की मरम्मत कराने के लिए आहू का खेड़ा 33 केवी ग्रिड स्टेशन पर नियुक्त एक लाइनमैन शटडाउन लेकर श्रमिक शंकरलाल को लेकर गया था। शंकरलाल खम्भे पर चढ़कर लाइन के तार जोड़ रहा था।

इसी दौरान ग्रिड स्टेशन से किसी ने लाइन चालू कर दी, जिससे करंट लगने व नीचे गिरने से शंकरलाल की मौत हो गई। हादसा होते ही लाइनमैन मौके से भाग गया।

इसके बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली में डाल शव को लेकर ग्रामीण नैनवां पहुंचे और थाने के बाहर ही ट्रॉली खड़ी कर विद्युत निगम से मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर चक्काजाम कर दिया।

इस पर उपखंड अधिकारी दुर्गाशंकर थाने पहुंचे और विद्युत निगम अधिकारियों को थाने बुलवाकर वार्ता कराई। वार्ता में पांच लाख रुपए का मुआवजा दिलाने और मामले की जांच अधिशासी अभियंता से कराने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद ग्रामीण माने।

विद्युत वितरण निगम कनिष्ठ अभियंता भूपेन्द्र मालव ने कहा कि आहू का खेड़ा 33 केवी ग्रिड स्टेशन से दुगारी व पाई फीडरों का शटडाउन लेकर लाइनों की मरम्मत कराई जा रही थी।

दुगारी फीडर की लाइन की मरम्मत होने के बाद कर्मचारी को दुगारी लाइन को चालू करना था, लेकिन दुगारी की बजाए पाई फीडर को चालू करने से हादसा हो गया। उन्होने पांच लाख रुपए का मुआवजा दिलाने की बात कही है।

Published on:
02 Jun 2017 04:31 pm