
एनकाउंटर में आरोपी ढेर, इनसेट में ट्रेन में मृतक की फाइल फोटो फोटो सोर्स विभाग
वाराणसी में जम्मू तवी एक्सप्रेस के अंदर हुई हत्या ने एक परिवार की दुनिया उजाड़ दी। गया के रहने वाले दिनेश साहू अपनी बेटी को लेने नैमिषारण्य जा रहे थे। लेकिन रास्ते में चलती ट्रेन में उन्हें गोली मार दी गई। रात तीन बजे पुलिस के फोन से परिवार को घटना की जानकारी मिली। तीन बेटियों के सिर से पिता का साया उठने के बाद घर में मातम पसरा है। बेटियां इंसाफ की मांग कर रही हैं।
बिहार के गया जिले के तेतरिया गांव के रहने वाले 42 वर्षीय दिनेश साहू फुल्की-चाट का काम कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। वह परिवार के कुछ लोगों के साथ कोलकाता-जम्मू तवी एक्सप्रेस से नैमिषारण्य धाम जा रहे थे। वहां धार्मिक सत्संग में शामिल होने के बाद उन्हें अपनी दूसरी बेटी विभा को लेकर वापस घर लौटना था। परिवार के लोगों के मुताबिक ट्रेन में काफी भीड़ थी। इसलिए साथ चल रहे लोग अलग-अलग बोगियों में बैठ गए। दिनेश दूसरी बोगी में सफर कर रहे थे। रविवार देर रात ट्रेन जब मुगलसराय के पास पहुंची। तभी एक युवक ने उन्हें गोली मार दी। घटना इतनी अचानक हुई कि यात्रियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। गोली लगने के बाद आरोपी ट्रेन से उतरकर फरार हो गया।
रात करीब ढाई बजे ट्रेन वाराणसी जंक्शन पहुंची। जहां रेलवे पुलिस ने शव को नीचे उतरवाया। फिर परिजनों को सूचना दी। भोर में करीब तीन बजे दिनेश की बड़ी बेटी प्रीति के मोबाइल पर पुलिस का फोन पहुंचा। पहले तो परिवार को भरोसा नहीं हुआ, लेकिन बाद में सच सामने आते ही घर में कोहराम मच गया। प्रीति ने रोते हुए कहा कि उनके परिवार में कोई बेटा नहीं है। पिता ही तीनों बहनों का सहारा थे। उसने सवाल उठाया कि आखिर उनके पिता की क्या गलती थी। जो चलती ट्रेन में उनकी जान ले ली गई। वहीं दूसरी बेटी विभा ने कहा कि वह पिता के आने का इंतजार कर रही थी। लेकिन उन्हें जिंदा देखने की जगह पोस्टमार्टम हाउस पहुंचना पड़ा।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी एक सनकी प्रवृत्ति का व्यक्ति था। जिसने कुछ घंटों के भीतर कई वारदातों को अंजाम दिया। बाद में पुलिस मुठभेड़ में आरोपी को मार गिराया गया। घटना के बाद परिवार और गांव के लोग रेलवे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
Updated on:
12 May 2026 11:08 am
Published on:
12 May 2026 11:08 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
