बूंदी

कृषि उपज मंडी में कारोबार पांचवें दिन भी ठप, मारे-मारे फिर रहे किसान, आखिर क्यों ?

बूंदी. रामगंजबालाजी. कुंवारती स्थित बूंदी की कृषि उपज मंडी में मंगलवार को पांचवें दिन भी कारोबार शुरू नहीं हो सका।

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Jan 24, 2018
Fifth trading in agriculture produce market stalled killing farmers a
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बूंदी. रामगंजबालाजी. कुंवारती स्थित बूंदी की कृषि उपज मंडी में मंगलवार को पांचवें दिन भी कारोबार शुरू नहीं हो सका। किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए यहां-वहां मारा-मारा फिरना पड़ा। मंडी प्रशासन व कारोबार से जुड़े सभी वर्गों के लोग कारोबार में आए गतिरोध को समाप्त करने को लेकर ठोस कदम नहीं उठा रहे।


जानकारी के अनुसार मंडी में १८ जनवरी को जिंसों की नीलामी हुई थी। इस दिन खरीदे हुए जिंस का लदान रविवार को हुआ। उसके बाद मंडी में खरीद फरोख्त कार्य होने से किसानों को धक्के खाने पड़ रहे हैं। इधर, मंडी की सुचारू व्यवस्था जमाने को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों ने मंडी व्यवसाय से जुड़े लोगों को बुलाकर वार्ता की। जिला कलक्टर व विधायक के निर्देश के बाद अतिरिक्त जिला कलक्टर नरेश कुमार मालव की मौजूदगी में व्यापारियों व यूनियन के अध्यक्ष, चावल उद्योग संघ व अन्य पदाधिकारियों की बैठक बुलाई थी, लेकिन बैठक में कोई निर्णय नहीं हो सका।


व्यापारियों व ट्रक यूनियन के मध्य माल परिवहन की दरों को लेकर कोई सहमति नहीं बनी। ऐसे में अब बुधवार को भी कारोबार नहीं होगा। बैठक में व्यापार व उद्योग संघ अध्यक्ष मदनगोपाल शर्मा, चावल उद्योग संघ अध्यक्ष राजेश तापडिय़ा, जिला परिवहन अधिकारी, मंडी सचिव टी.आर. मीणा, ट्रक यूनियन अध्यक्ष स्वरूप सिंह हाड़ा आदि मौजूद थे।

हम्माल नहीं शामिल
मंडी में चल रहे अवकाश से हम्माल संघ ने अपना कोई संबंध नहीं बताया। मंगलवार को हम्माल मजदूर संघ की ओर से जारी पत्र में बताया कि मंडी में जो गतिरोध चल रहा है उससे हम्मालों का कोई लेना देना नहीं है।पप्पू गुर्जर, राधाकिशन, ओमप्रकाश, कन्हैयालाल खंगार, नेहूलाल ने बताया कि कारोबार हो तो वे लोडिंग को तैयार हैं।


कृषि उपज मण्डी के सचिव टी.आर. मीणा का कहना है कि पिछले दो दिन से सभी वर्गों की बार-बार बैठक बुलाकर सहमति बनाने के प्रयास किए गए, लेकिन सहमति नहीं बनी। अब २६ जनवरी तक मंडी में अवकाश रहेगा। अब किसान मंडी खुलने के बाद ही अपनी जिंस लेकर आए।

Published on:
24 Jan 2018 04:25 pm