
बूंदी. किटी पार्टी यानि महिलाओं का अपना कॉर्नर। जिसमें वे घर की जिम्मेदारियों से मुक्त होकर एंजॉय करती है। कुछ समय खुद के लिए निकालती है। मानसून के दौरान किटी पार्टी का दौर भी बढ़ जाता है बात अगर सावन की हो तो क्या बात। यही वजह है कि महिलाओं ने सावन की फुआर के बीच महिला संस्कृति संस्था की सदस्यों ने जमकर मानसून की मस्ती का लुत्फ उठाया।
सभी महिलाए सावन थीम पर लहरिया पहन कर आई। सभी ने सावन के गीतो की मस्ती के साथ झूलों का लुत्फ लिया। महिलाओं ने सावन से जुड़े गीत गाए। तो हंसी ठिठोली का दौर शुरू हुआ। राधे झूलन पधारो घिर आए बदरा.. हिंडोला कुंज वन डाला रे, झूलन आई राधिका प्यारी रे...सरीखे मधुर गीत सावन को और सजीला, सुरीला बना दिया।
सावन की झमाझम से सजी-संवरी, इठलाती, मुस्काती धरा सावन के पग पडते ही खिलखिलाती उठी तो बागो में महिलाओं की सावन मस्ती भी शुरू हो गई। असल में यही वो महीना है, जब बादल बरसते हैं तो पूरी प्रकृति खिली-खिली सी नजर आती है।