बूंदी

कतारों में घंटों लगने के बाद मिल रहा एक मटकी पानी, तड़के से ही जुट जाती है नलकूपों पर भीड़

भूजल स्तर गहरा जाने से सुवानियां गांव में पानी का संकट गहरा गया है।
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Apr 03, 2019
kataaron mein ghanton lagane ke baad mil raha ek matakee paanee, tadak
कतारों में घंटों लगने के बाद मिल रहा एक मटकी पानी, तड़के से ही जुट जाती है नलकूपों पर भीड़

नैनवां. भूजल स्तर गहरा जाने से सुवानियां गांव में पानी का संकट गहरा गया है। गांव का भूजल स्तर सात सौ फीट तक पहुंच जाने से सभी नलकूपों का पानी रीत गया है। ऐसे में तड़के चार बजे से ही गांव से दूर एक निजी नलकूप पर भीड़ जुट जाती है। हाल यह बने हुए हैं कि कतारों में लगकर दो घंटे तक बैठे रहो तब जाकर एक मटकी पानी भर पाता है। नलकूप मालिक ने बताया कि तड़के चार बजे से ही पानी भरने के लिए नलकूप चलाने आना पड़ता है। पानी भरने आई मौसमी बाई व बसंती बाई ने बताया कि सुबह उठते ही पानी के जुगाड़ में निकलना पड़ता है।
शोपीस बनी पनघट योजना
मई 2017 में जलदाय विभाग व सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम राजस्थान इलेक्ट्रोनिक्स एण्ड इन्स्ट्रमेंटस लिमिटेड जयपुर की ओर से गांव में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए सौर ऊर्जा चलित पनघट योजना का स्ट्रक्चर लगाया था। नलकूपों का पानी सूख जाने से गांव में सौर ऊर्जा चलित पनघट योजना का भी दम टूट गया। इससे पनघट योजना का स्ट्रक्चर भी शोपीस बन गया। इस सम्बंध में सुवानिया पंचायत के सचिव अमृतलाल भाट का कहना है कि गांव का भूजल स्तर सात सौ फीट तक गहरा जाने से सभी नलकूप सूखे पड़े है। 28 मार्च को ही जलदाय विभाग व उपखंड अधिकारी को टैंकर लगाने के लिए लिख दिया है।

Published on:
03 Apr 2019 12:07 pm