अमेरिका ईरान के बीच चल रहा युद्ध का असर धीरे-धीरे ग्रामीण क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। तालेड़ा उपखंड के सुवासा गांव में प्रत्येक शनिवार को आने वाली भारत गैस की गाड़ी नहीं आने से 100 से अधिक उपभोक्ता परेशान होकर वापस घर लौटे।
सुवासा. अमेरिका ईरान के बीच चल रहा युद्ध का असर धीरे-धीरे ग्रामीण क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। तालेड़ा उपखंड के सुवासा गांव में प्रत्येक शनिवार को आने वाली भारत गैस की गाड़ी नहीं आने से 100 से अधिक उपभोक्ता परेशान होकर वापस घर लौटे। वहीं तालेड़ा गैस एजेंसी पर भीड़ होने से उपभोक्ता परेशान है।
एजेंसी पर दो से चार घंटे लाइन लगने के बाद में गैस सिलेंडर उपभोक्ता को मिल रहा है। ग्रामीणों के द्वारा रसद विभाग को शिकायत करने के बावजूद भी ग्रामीण उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। जानकारीअनुसार प्रत्येक शनिवार को सुवासा बस स्टैंड पर तालेड़ा भारत गैस की गाड़ी सप्लाई करने आती थी। जहां पर चांदनहेली, सेंदड़ी, खलुंदा, चितावा, शंभूपुरिया, लाडपुर, सुवासा के उपभोक्ता गैस सिलेंडर लेने आते थे, लेकिन शनिवार को गैस की गाड़ी नहीं आने से 100 से अधिक उपभोक्ता 2 घंटे तक इंतजार करके वापस घर चले गए। ग्रामीणों के द्वारा कई बार गैस गैस एजेंसी मालिक को फोन करने के बावजूद भी कोई समाधान नहीं हुआ।
लबान. क्षेत्र में रसोई गैस सिलेण्डर की घण्टों फोन लगाने पर भी बुकिंग नहीं हो रही है। झपायता निवासी दीपक नागर ने बताया कि करीब तीन घण्टों तक लगातार गैस बुङ्क्षकग के लिए प्रयास करने पर भी नहीं हो पाई है। वहीं देईखेड़ा निवासी राधा बाई ने बताया परिवार में आगामी सप्ताह में भोजन का बड़ा कार्यक्रम है, लेकिन सिलेंडरों की उपलब्धता नहीं हो पा रही है। क्षेत्र में मेगा हाइवे के किनारे व कस्बे में स्थित रेस्टोरेंट व ढाबों पर भी समय से सिलेंडर नहीं मिलने से अब लकड़ी से खाना पकाना पड़ रहा है। ऐसे अब लककी जो पहले 500 रुपए प्रति क्विंटल मिल रही थी, अब 600 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गई है।
तालेड़ा क्षेत्र में गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं है। हो सकता है वाहन की व्यवस्था नहीं हुई हो। इसलिए गैस की गाड़ी सुवासा नहीं आई होगी। गैस एजेंसी संचालक से बात करने के बाद पूरी जानकारी मिल पाएगी।
शिवजीराम जाट, प्रवर्तन निरीक्षक, रसद विभाग, बूंदी