
बूंदी/नैनवां. कस्बे के स्ववित्तपोषी महाविद्यालय को सरकारी दर्जा दिलाने के लिए रमजान के पवित्र महीने में सैकड़ों रोजेदारों ने खास दुआ की। रोजेदारों ने इफ्तार के बाद कस्बे की मदीना में कॉलेज को सरकारी कराने के लिए विशेष इबादत की।
रोजेदारों का कहना है कि कॉलेज को सरकारी करने की मांग को लेकर जनता लगातार संघर्ष कर रही है। जिसमें हर धर्म के लोग शामिल है। सरकारी कॉलेज नहीं होने से हर वर्ग के बच्चे शिक्षा से वंचित हो रहे हैं।
ऑल इंडिया उलमा मशाइख बोर्ड हाड़ौती के अध्यक्ष उमर फारूक अशरफी ने कहा कि नैनवां कॉलेज को सरकारी करने को लेकर रमजान के पवित्र महीने में रोजेदारों ने खास दुआ की। सरकारी कॉलेज नहीं होने से 12 वीं कक्षा के बाद उच्च शिक्षा को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को इस परेशानी से जल्द से जल्द मुक्ति मिले।
मशाइख बोर्ड के सदस्य मुशाहिद अशरफी ने कहा कि कॉलेज सरकारी नहीं होने के अभाव में कई विद्यार्थी उच्च शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। खासकर 12वीं कक्षा के बेटियों की पढ़ाई रुक जाती है। वंचित रहने वाली बेटियों को भी उच्च शिक्षा का फायदा मिले, इसलिए उन्होंने भी रोजा रखते हुए कॉलेज को सरकारी करने की दुआ मांगी है।
शिक्षक ईशाक मोहम्मद ने कहा कि सरकारी कॉलेज नैनवां की पहली आवश्यकता है। कॉलेज को सरकारी करने की दुआ के लिए रोजा रखा है। इफ्तार के बाद नमाज अदा कर मालिक से कॉलेज को सरकारी करने की दुआ मांगी है। कॉलेज सरकारी होगा तो हर वर्ग के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए परेशान नही होना पड़ेगा।
हाजी कल्लू भाई लुहार का कहना है कि सरकारी कॉलेज नहीं होने से सैकड़ों बेटे-बेटियां उच्च शिक्षा से वंचित है। रमजान के पवित्र माह में मालिक से सरकारी कॉलेज के लिए रोजा रखकर खास दुआ मांगी है, ताकि आगे से किसी भी धर्म व समाज के बच्चे-बच्चियों को उच्च शिक्षा से वंचित नही रहना पड़े।
अब्दुल कय्यूम का कहना है कि कई वर्षो से सरकारी कॉलेज की मांग उठती आ रही है। कॉलेज सरकारी नहीं होने से कई बच्चों को बीच में ही पढ़ाई छोडऩी पड़ जाती है। नैनवां में सरकारी कॉलेज की आवश्यकता को देखते हुए कॉलेज को सरकारी करने के लिए रोजा इफ्तार के बाद खास दुआ की गई।
वयोवृद्ध मम्मू भाई ने कहा कि रमजान का पवित्र माह चल रहा है। रोजा रखते हुए कॉलेज को सरकारी करने के लिए मालिक से दुआ मांगी है। ताकि क्षेत्र के कोई भी बेटे या बेटियां उच्च शिक्षा से वंचित ना रहे। सरकारी कॉलेज शुरू होने से बच्चों को काफी राहत मिलेगी। इस सम्बंध में सभी वर्गो के लोग काफी प्रयास कर रहे हैं।